फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वामी सानंद की देह के अंतिम दर्शन को पहुंचे केवल छह अनुयायी, परिवार और मातृसदन से नहीं आया कोई

Mon, 12 Nov 2018 08:31 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, ऋषिकेश
विज्ञापन
एम्स में अंतिम दर्शन के रखा स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर
विज्ञापन

जिन स्वामी सानंद ने गंगा रक्षा के लिए अपने प्राण त्याग दिए और उनके अंतिम दर्शन गुहार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई, उनके दर्शन के लिए केवल छह लोग ही पहुंचे। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद के पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए रखा गया था।

विज्ञापन


वहीं परिवार व मातृ सदन से दर्शन करने के लिए कोई भी नहीं पहुंचा। विदित हो कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद एम्स प्रशासन दस रविवार तक स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को दर्शनार्थ रखेगा।

अविरल गंगा के लिये कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर 113 दिन से आंदोलनरत स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद के देहावसान के बाद पार्थिव शरीर को एम्स में रखा गया है। देहावसान के बाद से ही अनुयायी इस बात पर अड़े थे कि धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार अनुष्ठान करने के लिए स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर उन्हें सौंपा जाए।

विज्ञापन

अगले रविवार को भी होंगे दर्शन

एम्स प्रशासन इस पर राजी नहीं हुआ तो एडवोकेट विजय वर्मा ने कोर्ट में याचिका दाखिल की दी। कोर्ट ने पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए रविवार तक का समय दिया है। इसी क्रम में पिछले 4 नवंबर को करीब दो दर्जन अनुयायी एम्स पहुंचे थे।

तैयारियां न होने के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ा। क्षुब्ध याचिकाकर्ता एम्स प्रशासन के खिलाफ कोर्ट में अवमानना दावा दाखिल करने के प्रयास में थे। इसी बीच एम्स प्रशासन ने प्रेसवार्ता कर दर्शन की व्यवस्था का खुलासा कर दिया। रविवार को स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर का दर्शन करवाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली थी। 

एनाटमी विभाग के सामने ही पंजीकरण की व्यवस्था बनाई गई है। यहां कुर्सियां भी लगवा दी गई थी, जिससे दर्शनार्थी 10 की संख्या में जा सकें और बचे हुए लोगों को इंतजार में कोई असुविधा न हो।
विज्ञापन

फिक्रमंदों की दिक्कतें अब भी बरकरार

फिलहाल 1:45 से अनुयायियों का आवागमन शुरू हुआ। पहले दिन दर्शन पाने वालों में श्यामपुर, गुमानीवाला, जौलीग्रांट, शिवाजीनगर, रानीपोखरी क्षेत्र से कुल छह लोग दर्शनार्थ पहुंचे। इनमें सुमित धीमान, अमित धीमान, संदीप जायसवाल, ओमप्रकाश, सोमपाल, सतेन्द्र शामिल रहे।  

एम्स में दर्शन की सुविधा शुरू होने के बाद मातृ सदन से कोई आगंतुक दिखाई नहीं पड़ा। गौरतलब है कि मातृ सदन की ओर से स्वामी दयानंद ने स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को सार्वजनिक दर्शन के लिए रखने का प्रस्ताव सबसे जोरशोर से उठाया था।

रविवार को जब उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो फोन नहीं उठा। उधर, याचिकाकर्ता विजय वर्मा अब भी असंतुष्ट हैं। उनका तर्क है कि दस की संख्या में अधिकतम 50 लोगों को दर्शन करवाना कहीं से भी जायज नहीं है। हम दोबारा कोर्ट में मसले को उठाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें