स्वामी शिवानंद ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्वामी सानंद के परिजनों को प्रशासन ने मातृसदन के खिलाफ उकसाया और ये कहने के लिए कहा कि मातृसदन ने स्वामी सानंद को अनशन पर बैठने के लिए उकसाया। लेकिन स्वामी सानंद के परिजनों ने इस बात से इनकार कर दिया, क्योंकि स्वामी सानंद अनशन पर बैठने के घोषणा मातृसदन को बताए बिना ही कर चुके थे।
प्रशासन से वसूली करेगा मातृसदन
स्वामी शिवानंद ने कहा कि प्रशासन की टीम बिस्तर सहित संत गोपालदस को उठाकर ले गई। जबकि वह बिस्तर आश्रम की संपत्ति है, जिसे बिना अनुमति के मातृसदन से ले जाया गया है। जिस पर मातृसदन तहसीलदार और कनखल एसओ को वसूली के लिए नोटिस भेजेगा।
अभी तक नहीं दिया गया शरीर
मातृसदन ने शुक्रवार को एम्स डायरेक्टर को पत्र लिखकर लोगों के दर्शन के लिए तीन दिनों के लिए स्वामी सानंद का शरीर मांगा था, जिसका एम्स की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। स्वामी शिवानंद ने कहा कि स्वामी सानंद का शरीर लेने का प्रयास जारी है, ताकि गंगा स्नान कराकर उनकी अंतिम इच्छा पूरी की जा सके और लोग भी उनके अंतिम दर्शन कर श्रद्घांजलि अर्पित कर सकें।