फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब एम्स में नहीं होंगे स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन, प्रशासन ने बताई ये वजह

Fri, 12 Oct 2018 11:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
विज्ञापन
स्वामी सानंद - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन एम्स ऋषिकेश में नहीं होंगे। इसके पीछे एम्स प्रशासन ने यह वजह बताई है। वहीं भारी दबाव के बाद अस्पताल प्रशासन केवल परिजनों को दोपहर करीब एक बजे अंतिम दर्शन करने की अनुमति दे सकता है। उनके भाई, भाभी और भतीजे ऋषिकेश पहुंचेंगे। 

विज्ञापन


स्वामी सानंद के पोस्टमार्टम की तैयारी, 5 फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम पहुंचेगी एम्स

इससे पहले शुक्रवार को एम्स में स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन होना प्रस्तावित था। एम्स के पीआरओ हरीश थपलियाल का कहना है कि एम्स परिसर में कई सेमिनार चल रहे हैं। इस कारण स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर सार्वजनिक दर्शन के लिए नहीं रखा जाएगा। उनका कहना है कि देशभर से कई लोग सेमिनार में शिरकत कर रहे हैं। यहां कॉलेज कैंपस भी है, जिस कारण अव्यवस्था फैल सकती है। वहीं एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रो. रविकांत ने स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने संबंधी मांग को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को किसी भी दशा में अंतिम दर्शन के लिए नहीं रखा जा सकता। मेडिकल कॉलेज कोई प्रदर्शनी की जगह नहीं है। स्वामी सानंद अपनी देह एम्स को दान कर चुके हैं, परिजन भी सहमति जता चुके हैं। इसलिए दान की हुई वस्तु को वापस लेने का कोई औचित्य नहीं है। 
विज्ञापन


बता दें कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देहरादून से लेकर हरिद्वार तक फोर्स तैनात की गई है। वहीं स्वामी सानंद की हत्या का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग को लेकर मिशन मां गंगा के पदाधिकारी हरिद्वार में धरने पर बैठ गए हैं।

स्वामी सानंद की मौत के बाद बड़ा दांव खेलने की तैयारी में कांग्रेस, हरिद्वार आ सकते हैं राहुल गांधी

Trending Videos

स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर हमें सौंप दिया जाए

एम्स ऋषिकेश में स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि स्वामी जी आध्यात्मिक वैज्ञानिक और संकल्पित व्यक्ति थे। सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना किया सरकार को इसका दंड भुगतना होगा। स्वामी जी चले गए हैं, मगर गंगा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हम प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तीन दिन लिए स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर हमें सौंप दिया जाए। जिससे उनके अनुयायी अंतिम दर्शन कर सकें।

स्वामी सानंद की मौत की खबर आते ही फफक-फफक कर रो पड़े शिवानंद, मातृसदन में गुस्से का माहौल

जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने निदेशक एम्स के इस बयान को झूठा करार दिया, जिसमें निदेशक ने कहा था कि स्वामी सानंद अपना अनशन तोड़ना चाहते थे, मगर परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति में ऐसा करने से रोक रहा था। जल पुरुष ने कहा कि स्वामी सानंद से कोई जबरदस्ती नहीं करा सकता। वह अपने मन और आत्मा की आवाज पर काम करते थे और वह गहरी समझ वाले व्यक्ति थे। उनके लिए एम्स निदेशक का इस तरह का बयान उनका अपमान है।

 

'वह कई बीमारियों की जकड़ में थे'

गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का गुरुवार दोपहर बाद एम्स ऋषिकेश में निधन हो गया।  गुरुवार को एम्स ऋषिकेश में स्वामी सानंद के देहावसान के बाद एम्स निदेशक डॉ. रविकांत ने प्रेसवार्ता आयोजित की। उन्होंने बताया कि प्रो. जीडी अग्रवाल की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई। वह छह गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे।

पढ़िए कौन थे स्वामी सानंद, जिन्होंने गंगा की अविरलता के लिए 112 दिन अनशन कर त्याग दिए अपने प्राण

इनमें ब्लड प्रेशर, लांग टाइम हाइपर टेंशन, कॉर्नरी आर्टरी डिजीज, आर्टरी वाल्ब डिजीज, हार्निया, यूरिन किटोंस डिजीज शामिल थीं। उक्त बीमारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसी व्यक्ति को एक भी बीमारी पूरी तरह जकड़ ले तो मौत का माध्यम बन जाती है।

डॉ. रविकांत ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह स्वामी सानंद से बात भी हुई थी। वे संतुष्ट नजर आ रहे थे। उनकी आयु 80 वर्ष हो चुकी थी, लिहाजा वह कई बीमारियों की जकड़ में थे।  

उन्होंने बताया कि स्वामी सानंद का उपचार डॉ. वेंकटेश पाई की देखरेख में चल रहा था। काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। अपराह्न करीब 1:50 मिनट पर प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ सानंद स्वामी ने आखिरी सांस ली और 2 बजे मृत घोषित कर दिया गया।

स्वामी शिवानंद बोले, सरकार के इशारे पर हुई स्वामी सानंद की हत्या, नितिन गडकरी को ठहराया जिम्मेदार

एम्स निदेशक के मुताबिक स्वामी सानंद का पोटैशियम और ग्लूकोज लेवल काफी असंतुलित हो चुका था। खाना पीना छोड़ चुके स्वामी सानंद के शरीर में खून का संचार लगभग बंद हो गया था। वे पूर्व में 12 जुलाई, 13 अगस्त और इस बार 10 अक्तूबर को एम्स में भर्ती हुए थे। उन्हें पूर्व में भी एंजियोग्राफी और सर्जरी कराने की सलाह दी गई थी लेकिन वो नहीं माने थे।
 
विज्ञापन

उनकी निधन की खबर आम होते ही उनके अनुयायियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। सानंद के निधन से उपजे आक्रोश से उपजी किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियातन हरिद्वार और देहरादून की पुलिस एम्स में तैनात कर दी गई है। सरकार और कई आला अधिकारी हर घटनाक्रम पर नजर गड़ाए हुए हैं।

एम्स प्रशासन के मुताबिक स्वामी सानंद पहले ही अपना शरीर एम्स, ऋषिकेश को दान किए जाने का संकल्प पत्र भर चुके थे, लिहाजा उनका शव एम्स में ही रखा गया है।

किसी विवाद से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन ने तय कि है कि शुक्रवार को एम्स के पांच फोरेंसिंक एक्सपर्ट की टीम उनके पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम करेगी। गौरतलब है कि इससे पूर्व गंगा की अविरलता की मांग को लेकर अनशन करते हुए वर्ष 2011 में मातृसदन से जुड़े स्वामी निगमानंद का भी  निधन हो चुकाहै।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें