स्वामी प्रज्ञानानंद सरस्वती महाराज
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स्वामी प्रज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने दावा किया कि वह द्विपीठाधीश्वर हैं। उन्होंने खुद को ज्योतिष पीठ और द्वारकापीठ का शंकराचार्य बताया। उन्होंने रविवार को बदरीनाथ धाम के एक होटल में पत्रकारवार्ता में यह दावा किया।
उन्होंने कहा कि काशी के विद्वानों, काशी महासभा और अखाड़े के संतों के आग्रह पर उन्होंने दोनों पीठों के आचार्य का पद स्वीकार किया है। मेरा इस पद को प्राप्त करने का उद्देश्य अहंकार से मुक्त होकर धर्म का प्रचार करना है। यदि धर्म के लिए पद को त्यागना पड़ेगा तो पीछे नहीं हटेंगे।