श्री पंच अग्नि अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी रामकृष्णानंद महाराज ने कहा कि योग्य गुरु को ही सुयोग्य शिष्य की प्राप्ति होती है। स्वामी मुक्तानंद महाराज ने कहा कि बापू गोपालानंद ब्रह्मचारी महाराज एक महान संत थे।
उन्हीं की प्रेरणा से स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज अन्न क्षेत्र, गोसेवा, वृद्ध सेवाश्रम, धमार्थ चिकित्सालय व वेद विद्यालय का संचालन कर उनके अधूरे कार्यो में निरंतर वृद्धि कर रहे हैं।
इस अवसर पर स्वामी गोविंदानंद ब्रह्मचारी, महंत साधनानंद, स्वामी सवितानंद ब्रह्मचारी, स्वामी आलोक गिरि, महंत जमुनादास, स्वामी सत्य गिरि, बाल मुकुंदानंद ब्रह्मचारी, महंत सत्यव्रतानंद, अंकुश शुक्ला, आचार्य पवन दत्त मिश्रा, पंडित शिवकुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।