अमर उजाला से फोन पर बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि चिन्मयानंद साजिश का शिकार हुए हैं। आरोप लगाया कि लड़की और उसके दोस्तों ने उन्हें साजिश के तहत फंसाया है।
नशीला पदार्थ खिलाकर उनके वीडियो बनाए गए। यह पूरा मामला ब्लैकमेलिंग से जुड़ा हुआ है। लिहाजा, हरिद्वार में 10 अक्तूबर को होने वाली बैठक में इस संबंध में विचार और निर्णय के बाद औपचारिक एलान किया जाएगा।
उधर, अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि के बयान श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के बयान से एकदम अलग हैं। हरिगिरि ने चिन्मयानंद से जुड़े मामले पर साफ कहा कि जो प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है, उस संबंध में अखाड़ा परिषद न तो कोई प्रस्ताव लाएगी और न ही कोई विचार करेगी। हरिगिरि ने कहा कि अपने मत पर अभी भी कायम हैं।