स्वच्छ भारत मिशन के तहत उत्तराखंड की प्रत्येक ग्राम पंचायत के प्राइमरी अथवा जूनियर स्कूल के पांच-पांच बच्चों को स्वच्छता दूत बनाया जाएगा। बच्चों की इस टीम को एक-एक सीटी और टोपी मिलेगी।
स्कूल आते-जाते समय स्वच्छता दूत किसी को खुले में शौच करते देखेंगे तो सीटी बजाकर उसे रोकेंगे। सभी जिलाधिकारियों को शिक्षा विभाग से समन्वय कर यह व्यवस्था लागू करने के लिए पत्र जारी हो चुका है।
प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन के अभी तक के नतीजे उत्साहजनक हैं। इस वर्ष 56977 शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया था। आंकड़े लक्ष्य से आगे निकल चुके हैं। प्रदेश में 62440 शौचालयों का निर्माण हो चुका है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश को वर्ष 2019 की गांधी जयंती तक पूरी तरह से निर्मल बनाना है। इस अवधि में हर घर में शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।