एक सप्ताह में उत्तराखंड से लगी भारत-नेपाल सीमा पर प्रतिबंधित सेटेलाइट फोन के प्रयोग और स्वतंत्रता सेनानियों के शिलापट पर पाकिस्तानी झंडे का निशान बनाने के बाद अब सूखीढांग क्षेत्र में दो संदिग्ध के दिखने से पुलिस और खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
जौल की ग्राम प्रधान के पति केएन तिवारी ने बताया कि आमखर्क गांव में रविवार रात नीलावती देवी नामक महिला के घर के पास सफेद और काले रंग के कपड़े पहने दो संदिग्ध नजर आए थे। शोर मचाने पर दोनों जंगल की ओर भाग गए।
इसके बाद टनकपुर, चल्थी आदि की पुलिस ग्रामीणों के साथ संदिग्धों की तलाश में जुट गई। सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि फिलहाल कोई संदिग्ध नहीं मिला। बावजूद पुलिस, खुफिया एजेंसियों और एसएसबी को सतर्क कर दिया गया है।
भारत-नेपाल सीमा पर काली नदी (शारदा) ही विभाजन रेखा है। नदी के जरिए जगह-जगह अवैध तरीके से लोग आवाजाही करते हैं।
करीब दो साल पहले नेपाल सीमा से होकर आतंकी टुंडा के पकड़े जाने का मामला सामने आया था। खुफिया एजेंसियों को 17 जनवरी को सूखीढांग क्षेत्र से प्रतिबंधित सेटेलाइट फोन का प्रयोग किए जाने के संकेत मिले थे।