डीडीहाट में चौबाटी के निकट मड़ का सूर्य मंदिर पीसा की मीनार की तरह झुकने लगा है।
अब तक कोई पहल नहीं
पीसा की मीनार के संरक्षण के लिए इटली की सरकार ने भले ही कदम उठा लिए हो, स्थापत्य और ऐतिहासिकता की दृष्टि से बेमिसाल इस सूर्य मंदिर के संरक्षण के लिए अब तक कोई पहल नहीं की गई है।
पुजारी ने मंदिर के झुकने की सूचना पुरातत्व विभाग और प्रशासन को दी है। कहा जाता है कि मड़ के सूर्य मंदिर की स्थापना पांडवों ने की थी। जब पांडव अज्ञातवास में गए थे तब उन्होंने भगवान सूर्य की आराधना की थी।
पिछले कुछ समय से इस ऐतिहासिक मंदिर पर भी खतरे के बादल मंडराने लग गए। मंदिर के पुजारी दिनेश जोशी ने बताया कि मंदिर को हो रहे खतरे की जानकारी प्रशासन तथा पुरातत्व विभाग को दे दी है।
वह कहते हैं कि यदि पुरातत्व विभाग खुद कोई कदम नहीं उठाता तो गांव वालों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए।
पुरातत्व विभाग को जानकारी दी
उपजिलाधिकारी बीएस फोनिया का कहना है कि मंदिर को हो रहे खतरे की जानकारी पुरातत्व विभाग को दे दी गई है।
उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग को फिर से पत्र भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्दी ही टीम सूर्य मंदिर का निरीक्षण करेगी और सुरक्षा के आवश्यक कदम उठाएगी।