पंडित प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार ग्रहण के समय में प्रारंभ काल में स्नान जप किया जाए। मध्यकाल में होम, देवपूजा, ग्रहण कर लें और समात्ति पर दान व स्नान का विशेष महत्व है। ग्रहण के बाद गर्मपानी में स्नान न करें। सूर्य को नग्न आंखों से न देखें।
इस राशियों को करेगा प्रभावित
यह ग्रहण विशेष रूप से धनु राशि और मूल नक्षत्र वालों के लिए अशुभ होगा। मेष राशि वालों को चिंता, वृष शत्रुभय, मिथुन-जीवन साथी को परेशानी, कर्क-गुप्तरोग चिन्ता, सिंह-खर्च अधिक, कन्या कार्य सिद्धि, तुला धनलाभ, वृश्चिक धनहानि, धनु दुर्घटना, मकर धनहानि, कुभं-लाभ उन्नति, मीन-रोग कष्ट एवं भय का प्रभाव हो सकता है।