शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट समेत सभी उच्च न्यायालयों में मुकदमों के निर्णय हिंदी और भारतीय भाषा में आने चाहिए। इसके लिए सरकार को संविधान में जरूरी संशोधन करने चाहिए। इसके लिए वे केंद्र सरकार को पत्र भी लिखेंगे। जगद्गुरु शंकराचार्य शुक्रवार शाम उनसे मिलने पहुंचे न्यायविद् चंद्रशेखर उपाध्याय और उनके साथियों से वार्ता कर रहे थे।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पौत्र चंद्रशेखर उपाध्याय लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों में हिंदी समेत अन्य भारतीय भाषाओं में निर्णय दिए जाने को लेकर मुहिम चला रहे हैं। उन्होंने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से आग्रह किया कि वे इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखें ताकि संविधान में जरूरी संशोधन कर यह व्यवस्था लागू की जा सके। चंद्रशेखर उपाध्याय ने बताया कि पूर्व में उनकी मां पुष्पलता उपाध्याय भी नरेंद्र मोदी से चार फरवरी 2012 को मिली थीं, जब वे गुजरात के सीएम थे।
उस समय हुई चर्चा में भी इस मुद्दे पर बात हुई थी। कहा कि पीएम आजादी के बाद से संविधान में मौजूद अस्थायी व्यवस्थाओं को बदलने के लिए कार्य कर रहे हैं। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उन्होंने इस दिशा में पहल की है। ऐसा ही संशोधन हिंदी भाषा को लेकर किया जाना जरूरी है। जगद्गुरु शंकराचार्य ने चंद्रशेखर उपाध्याय के इस प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। इस दौरान समाजसेवी राकेश चंद्र कौशिक और नमामि गंगे परियोजना से जुड़े धर्मेद्र ढोंढी भी मौजूद रहे।