सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से टिहरी बांध प्रभावित 414 परिवारों के विस्थापन के बारे में दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने और न्यायालय को भी अवगत कराने का निर्देश दिया।
विस्थापन के लिए हरिद्वार जिले के खानपुर में चयनित जमीन को लेकर केंद्र की तरफ से कोई निर्णय न लेने पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी भी जताई।
टिहरी बांध प्रभावितों और विस्थापितों की समस्याओं को लेकर पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय, जोत सिंह बिष्ट, दर्शनी रावत और महिपाल नेगी की ओर से 2005 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
याचिका में बांध प्रभावित गांवों में आने-जाने के लिए पुलों का निर्माण न होने, पेयजल योजनाओं का निर्माण, ग्रामीण व्यापारियों का प्रतिकर, आंशिक डूब क्षेत्र के ग्रामों का पुनर्वास सहित अन्य समस्याओं का निराकरण न होने की बात कही गई थी।