प्रदेश के टिहरी, हरिद्वार और चंपावत जिले में कुछ उम्मीदवारों को तैनाती पत्र भी दे दिए गए। जबकि प्रदेश के अन्य जनपदों में इसकी प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान सेवाएं समाप्त होने से कुछ उम्मीदवार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए थे।
सुप्रीम कोर्ट से रोक के चलते प्रदेशभर में गेस्ट टीचरों की तैनाती प्रक्रिया पर रोक लग गई थी। उत्तराखंड गेस्ट टीचर संगठन के प्रदेश महामंत्री दौलत जगुड़ी ने कहा कि गेस्ट टीचर पिछले काफी समय से स्कूलों में तैनाती की मांग कर रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गेस्ट टीचरों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। जब तक स्थायी शिक्षक नहीं मिलते, स्कूलों में गेस्ट टीचरों की तैनाती की जाएगी। इससे प्रदेश भर के स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी की समस्या दूर होगी।
-अरविंद पांडे, शिक्षा मंत्री
प्रदेश में लगभग चार हजार प्रवक्ता और आठ सौ गेस्ट टीचरों का चयन पूर्व में हो चुका है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से रोक होने से इन्हें स्कूलों में तैनाती नहीं दी जा सकी थी। कोर्ट का फैसला मिलते ही आदेश के अनुसार गेस्ट टीचरों की तैनाती की जाएगी।
-आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक