क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक को कृषि उत्पादन मंडी परिसर में एक आढ़ती के प्रतिष्ठान के बाहर सरकारी राशन उतरने की सूचना मिली। सूचना पर पूर्ति निरीक्षक मौके पर पहुंचे। भारतीय खाद्य निगम मार्का बरदाना में गेंहू भरा था। निरीक्षक ने मौके पर आढ़ती को बुलाया। आढ़ती ने निरीक्षक को हिमाचल प्रदेश से लाए गए 75 क्विंटल गेहूं की रसीद दिखाई। बताया कि प्लास्टिक के कट्टों में आए गेहूं के भंडारण के लिए स्थानीय स्तर पर बारदाना खरीदा गया था।
शुक्रवार सुबह कुछ लोगों ने पुलिस और क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक को मंडी परिसर में चोरी का सरकारी राशन पहुंचने की सूचना दी। पहले कुछ पुलिसकर्मी और फिर करीब 9.30 बजे पूर्ति निरीक्षक सुरेंद्र सिंह चौहान मौके पर पहुंचे। यहां आढ़ती मुंशी राम सुमेरचंद के प्रतिष्ठान के बाहर काफी संख्या में गेहूं के बोरे रखे मिले। निरीक्षक ने जब जांच की तो बारदाना पर भारतीय खाद्य निगम लिखा था। बारदाना पर हाथ से सिलाई की गई थी।
निरीक्षक ने आढ़ती काे मौके पर बुलाया। आढ़ती ने रसीद दिखाते हुए बताया कि उसने हिमाचल प्रदेश के किसानों से 75 क्विंटल गेहूं खरीदा था। 25 अप्रैल की शाम को प्लॉस्टिक के कट्टों में गेहूं मंडी पहुंचा था। बताया कि उन्होंने भंडारण के लिए गेहूं को बारदाना में भरवाया। बारदाना बाजार से ही खरीदा था। पूर्ति निरीक्षक ने सीसीटीवी कैमरा की जांच की तो उसमें शाम को ट्रैक्टर ट्रॉली में सफेद रंग के कट्टे आते हुए और आढ़ती के यहां उतरते हुए दिखाए दिए।
पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि आढ़ती ने 75 क्विंटल गेहूं की खरीद की रसीद दिखाई। मौके पर गेहूं के बोरों की जांच भी की गई। कुछ बोरे पूरी तरह भरे थे और उनपर हाथ की सिलाई थी। कुछ बोरे आधे भरे थे। उन्होंने बताया भारतीय खाद्य निगम से मशीन की सिलाई वाले बारदाना में राशन आता है। बताया कि कई बार डीलर राशन समाप्त होने के बाद बारदाना को बेच देते हैं। यही बारदाना भंडारण के लिए कई दुकानदार खरीद लेते हैं। बताया कि निरीक्षण के दौरान मौके पर सरकारी राशन नहीं मिला।