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गैस की कालाबाजारी पकड़ने गए पूर्ति निरीक्षक को लात-घूसों से पीटा, भागकर बचाई जान

Tue, 26 Sep 2017 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
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पुलिस और अफसरों की अनदेखी से फल फूल रही गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी अब भारी पड़ने लगी है। कालाबाजारी पकड़ने पर सोमवार को गैस तस्करों ने जिला पूर्ति निरीक्षक पर हमला कर लात और घूंसों से पीट दिया। उन्होंने भागकर जान बचाई। बाद में एसडीएम फोर्स के साथ पहुंचे तो एक टेंपो और छह सिलेंडरों को सीज कर दिया गया। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 
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 सोमवार को वीरभट्टी में गैस की गाड़ी में आग लगने की सूचना के बाद जिला आपूर्ति अधिकारी टीएन उपाध्याय ने पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल को वहां जाने के निर्देश दिए थे। पूर्ति निरीक्षक गौला बाइपास रोड से नैनीताल को जा रहे थे। रास्ते में एक टेंपो में सिलेंडर भरे होने पर उन्होंने रोका तो चालक जवाब नहीं दे पाया।

तलाशी लेने पर टेंपो में छह सिलेंडर मिले। पूर्ति निरीक्षक ने चालक को वहां चलने को कहा जहां से सिलेंडर लाया था। वह उन्हें आंवला वन चौकी के पास ले गया। वहां एक ट्रक से सिलेंडर उतारे जा रहे थे और खाली सिलेंडर भरे जा रहे थे।
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पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल ने जब अपने मोबाइल से सिलेंडरों की फोटो खींची तो तीन लोगों ने उन्हें घेर लिया। उनके साथ मारपीट कर दी। पूर्ति निरीक्षक ने वहां से भागकर सूचना एसडीएम एपी वाजपेई को दी। एपी वाजपेई मौके पर पुलिस टीम लेकर पहुंचे।

उनके आने से पहले चालक ट्रक लेकर भाग गया। पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर बनभूलपुरा थाने में कमल पलड़िया सहित दो के खिलाफ हत्या के प्रयास और कालाबाजारी का मुकदमा दर्ज किया गया।
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ऐसे करते हैं खेल

जिस ट्रक से गैस सिलेंडर की तस्करी की जा रही थी, वह गैस प्लांट मोटाहल्दू से लोड हुआ था। इसे उत्तरकाशी जाना था। सिलेंडर की कालाबाजारी करने के लिए इसका चालक आंवला वन चौकी पहुंचा और सड़क के किनारे खाली पड़े प्लाट में गाड़ी लगाकर गैस सिलेंडर बेच रहा था। एसडीएम के पहुंचने से पहले यह गाड़ी लेकर लालकुआं की ओर भाग गया। पुलिस ट्रक की तलाश में जुट गई है।  

ऐसे करते हैं खेल
पहाड़ों को गैस सिलेंडर लेकर जा रहे अधिकत्तर चालक रास्ते में गैस के सिलेंडर बेच देते हैं। साथ ही जब समय मिलता है भरे सिलेंडर से इन खाली सिलेंडर में रिफिल करके गैस भर दी जाती है। पहाड़ों में सिलेंडर की तौल नहीं होने से यह खेल चलता है। 

भागता नहीं तो मार ही डालते
मुझे लात और घूसों से पीटा गया। मैं जान बचाने के लिए भागने लगा तो एक तस्कर ने पीछे से खाली सिलेंडर फेंक दिया। सिलेंडर से मेरे पैर में चोट भी लग गई। मैं दौड़कर गाड़ी में बैठ गया और गाड़ी को लॉक कर दिया। 
-रवि सनवाल, पूर्ति निरीक्षक
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