गड़बड़ी के आरोपों से घिरे अधीक्षण अभियंता (एसई) एमसी गुप्ता को उत्तराखंड ऊर्जा निगम ने निलंबित कर दिया है।
रुड़की में तैनाती के दौरान गुप्ता पर लगे अनियमितताओं के आरोप प्रथमदृष्ट्या सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की र्गई है। अभी गुप्ता देहरादून में तैनात हैं। निगम प्रबंधन ने गुप्ता को बर्खास्तगी का नोटिस भी भेजा है।
विद्युत वितरण खंड रुड़की, ग्रामीण में वर्ष 2011-12 में सिविल कार्यों में लाखों रुपये का घपला हुआ था। उस वक्त एमसी गुप्ता वहां अधीक्षण अभियंता थे। निगम मुख्यालय ने जांच शुरू की। इस बीच उनका तबादला देहरादून ग्रामीण विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता (उपमहाप्रबंधक स्तर) पद पर हो गया।
निगम की जांच अब पूरी र्हुई है। बताया जा रहा है कि मामले में गुप्ता समेत तीन अधिकारी दोषी पाए गए हैं। आरोपों के संबंध में गुप्ता की ओर से दिए गए जवाब से जांच समिति संतुष्ट नहीं हुई।
शनिवार देर रात निगम के प्रबंध निदेशक एसएस यादव ने गुप्ता के निलंबन के आदेश कर दिए। गुप्ता को निगम ने कारण बताओ नोटिस भी भेजा है। फिलहाल गुप्ता को मुख्य अभियंता (वितरण) कुमाऊं क्षेत्र के हल्द्वानी स्थित कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
यह लिखा है नोटिस में
विभाग में वित्तीय अनियमितताएं, गंभीर कदाचार और अनुशासनहीनता के कृत्यों की बार-बार पुनरावृत्ति और पूर्व में दिए गए दंडों का संज्ञान लेते हुए अधीक्षण अभियंता के विरुद्ध बर्खास्तगी का दंड प्रस्तावित किया गया है।
पंद्रह दिन के भीतर अगर एमसी गुप्ता की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो एकतरफा कार्रवाई करते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा।