केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री शशि थरूर परिजनों समेत सोमवार को पत्नी सुनंदा पुष्कर की अस्थियों को लेकर हरिद्वार पहुंचे।
दोनों के परिजनों की मौजूदगी में सुनंदा पुष्कर के पुत्र शिव मेनन ने अपनी मां की अस्थियां गंगा में प्रवाहित कीं। इस दौरान सभी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी।
बेटे ने किया अस्थि विसर्जन
शशि थरूर दोपहर तीन बजे हरिद्वार स्थित वीआईपी गंगा घाट पहुंचे। पुरोहित पंडित मधूसूदन प्रधान और संजय कुमार ने कर्मकांड कराया।
कर्मकांड कराने के बाद सुनंदा पुष्कर के पुत्र शिवमेनन ने गंगा में अस्थि विसर्जित की। उनके साथ शशि थरूर की बहन नीलू मर्चेंट, सुनंदा पुष्कर के भाई राजेश पुष्कर और आशीष दास साथ रहे।
बही में लिखी जानकारी
कर्मकांड करने वाले पुरोहित मधुसूदन प्रधान ने बताया कि उन्होंने बही में सुनंदा की मृत्यु की तिथि 17 जनवरी 2014 लिखवाई, हालांकि समय नहीं लिखवाया है।
एसडीएम सोहन सिंह ने बताया कि शशि थरूर और परिजन जौलीग्रांट हवाई अड्डे से हरिद्वार पहुंचे और कर्मकांड करने के बाद भी हवाई रास्ते से ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
केरल-कश्मीर दोनों क्षेत्रों से संबंधित पुरोहित रहे
अमूमन विवाह के पश्चात हिंदू मान्यताओं के अनुसार ससुराल पक्ष से संबंधित पंडा कर्मकांडों को संपन्न कराने के लिए बुलाया जाता है। लेकिन सुनंदा पुष्कर के अस्थि विसर्जन में शशि थरूर के क्षेत्र केरल और कश्मीर का इलाका देखने वाले पुरोहित बुलाए गए।
कर्मकांड कराने वाले पुरोहित मधूसूदन प्रधान जहां केरल के यजमानों के कर्मकांड कराते हैं वहीं संजय कुमार कश्मीर के यजमानों को देखते हैं।