विधानसभा सत्र के दौरान मार्ग में जाम लगाने और पुलिस पर पथराव के आरोपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन सहित भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शुक्रवार को जमानती वारंट जारी कर दिया।
मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2016 को होगी। विधान सभा सत्र वर्ष 2009 के दौरान मार्ग में जाम लगाने, पुलिस से धक्का-मुक्की और पथराव के आरोपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन, पूर्व विधायक सुबोध उनियाल, ब्रह्मस्वरूप ब्रहमचारी सहित कई नेता शुक्रवार को भी कोर्ट में पेश नहीं हुए।
कोर्ट में पेश न होने पर अदालत ने इनके खिलाफ वारंट जारी किया है। आरोपी पिछली कई तिथियों से कोर्ट में अनुपस्थित चल रहे हैं इनकी ओर से कोर्ट में न तो गैर हाजिरी का कोई प्रार्थना पत्र दिया गया न ही यह उपस्थित हुए।
मंत्री ने कहा नहीं मिला समन
कोर्ट में सरेंडर के बाद कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल व पूर्व राज्यमंत्री मनीष नागपाल ने कहा कि उन्हें कोर्ट से इस मामले में कोई समन नहीं मिला। यही वजह रही कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। यदि कोर्ट से समन मिलता तो वह कोर्ट में पेश होते।