विधान सभा सत्र के दौरान मार्ग में जाम लगाने और पुलिस पर पथराव के आरोपी राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा, तीन कैबिनेट मंत्रियों सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य, वन मंत्री दिनेश अग्रवाल, पंचायती राज मंत्री प्रीतम सिंह एवं पूर्व राज्यमंत्री मनीष नागपाल ने शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक द्विवेदी की अदालत में सरेंडर किया।
अदालत ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलकों एवं इतनी ही धनराशि की जमानत पर रिहा कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। वर्ष 2009 में विधान सभा सत्र के दौरान तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष हरक सिंह रावत, तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं अब सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य, कांग्रेस सांसद प्रदीप टम्टा सहित कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक नेताओं और लगभग छह हजारों कार्यकर्ताओं ने विधान सभा कूच किया।
आरोप है कि इस दौरान मार्ग में जाम लगाने के साथ ही पुलिस पर पथराव एवं धक्का मुक्की कर लोगों को डराया धमकाया गया। इनके मामले में 17 जनवरी वर्ष 2014 को सरकार की ओर से मुकदमे वापसी के आदेश हुए, लेकिन अदालत ने इन नेताओं के खिलाफ मुकदमा वापसी से इनकार कर दिया था।
नामजद इन 25 नेताओं में से अधिकतर के विभिन्न तिथियों में कोर्ट में उपस्थित न होने पर अदालत ने इनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। वारंट जारी होने के बाद आरोपी सांसद व मंत्रियों ने कोर्ट में सरेंडर किया। उनके अधिवक्ता रुपेंद्र सिंह भंडारी व रघुवीर सिंह कठैत ने अदालत में उनकी जमानत के लिए दिए जमानती प्रार्थना पत्र में कहा कि उन पर लगाया गया आरोप झूठा है।
उन्होंने इस तरह का कोई काम नहीं किया। वही इसी मामले में आरोपी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना की ओर से उनके वकील केके गोयल ने जमानती प्रार्थना दिया। सहायक अभियोजन अधिकारी ऋचा कोठियाल ने जमानती प्रार्थना पत्र का विरोध किया। अदालत ने उनका जमानती प्रार्थना पत्र मंजूर करते हुए कहा कि मामले में सह अभियुक्तों की जमानत हो चुकी है। प्रकरण में साक्ष्य से छेड़छाड़ की संभावना नहीं है।
विधायक डोईवाला हुए कोर्ट में पेश
इसी मामले में आरोपी डोईवाला के विधायक हीरा सिंह बिष्ट, पृथ्वी सिंह नेगी, उपेंद्र थापली व विवेकानंद खंडूरी शुक्रवार को कोर्ट में पेश हुए।
प्रकरण में यह हैं आरोपी
सांसद प्रदीप टम्टा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह, पूर्व विधायक सुबोध उनियाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, संग्राम सिंह पुंडीर, उपेंद्र थापली, महेश शर्मा, विनोद शर्मा, विजय सिंह चौहान, मनीष नागपाल, ब्रहमस्वरूप ब्रहमचारी, सूर्यकांत धस्माना सहित 25 नेता नामजद हैं।