आलोक ने बहन की हत्या कर खुदकुशी क्यों की? इस सवाल का जवाब अब शायद ही मिल पाए। ऐसे कई और सवाल भी भाई-बहन की मौत के साथ दफन हो गए हैं।
पिता पर जानलेवा हमले के बाद बहन की हत्या और खुदकुशी को कम से कम एक कड़ी में तो नहीं जोड़ा जा सकता। अचानक ऐसा क्या हुआ कि मां की मौत को लेकर डिप्रेशन में चल रहे आलोक ने यह कदम उठाया। जबकि, वह पिता और बहन के साथ 28 नवंबर से होटल में रुका हुआ था। न तो पिता और न ही पुलिस इस पर कोई रोशनी डाल पा रही है।
अजंता होटल में अनामिका की हत्या और भाई आलोक की खुदकुशी की तस्वीर तो लगभग साफ हो गई, लेकिन वजह को लेकर जरूर कई सवाल हैं, जिनके जवाब नहीं मिल पाए। एनजीओ से जुड़े फतेहपुर निवासी महेंद्र गौतम के परिवार में सोमवार तक सब कुछ ठीक चल रहा था।
हंसी-खुशी महेंद्र, उसका बेटा आलोक और बेटी अनामिका राजपुर रोड के एक होटल में ठहरे थे। यह भी मान लिया जाए कि मां की मौत का उसके दिलो-दिमाग पर प्रतिकूल असर पड़ा। इसके बावजूद एयरफोर्स में भर्ती की बात को साबित करने के लिए आलोक ने खूब दिमाग चलाया था। होटल का भुगतान मां और पिता के एटीएम से करता रहा।
पिता को यह कहकर गुमराह करता रहा कि रकम नौकरी के बदले मिली है। बाकायदा रकम को इस खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित करने का खेल भी किया। पिता से किस बात को लेकर नाराजगी थी कि उसने मंगलवार को उन पर जानलेवा हमला कर दिया। आखिर क्यों वह अगले दिन बुधवार को पुराने होटल को छोड़कर बहन के साथ नए होटल में चला आया। होटल में छोटी बहन को बड़ी बेरहमी से मारकर आलोक ने अपना गला काट लिया।
बहन दम घुटने से, भाई शॉक व खून रिसाव से मरा
अजंता होटल में मिले भाई और बहन के शवों के पोस्टमार्टम में कोई भी ऐसा तथ्य सामने नहीं आया जो पुलिस की कहानी पर असर डाल सके। डॉक्टरों के पैनल से दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। डालनवाला कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट ने बताया कि अनामिका की मौत गला दबाते समय दम घुटने से हुई है। एक हाथ पर जरूर नीले निशान पाए गए हैं, इसके अलावा किसी तरह के चोट के निशान नहीं हैं। जबकि, आलोक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शॉक और अत्यधिक खून रिसाव की वजह से मौत होने का उल्लेख किया गया है।
आलोक के दिमाग से नहीं निकल पाई 28 तारीख
एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि आलोक के दिलो-दिमाग से 28 तारीख नहीं निकल पा रही थी। मां सुमन की मौत भी 28 अगस्त को हुई थी। 28 सितंबर को एयरफोर्स में चयन होने की बात बताई थी और 28 नवंबर को ऑनलाइन एयरफोर्स ज्वाइन करने के लिए देहरादून आया था। 28 दिसंबर को चेन्नई में ड्यूटी करनी थी। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि मां की मौत की तारीख को वह भूल नहीं पा रहा था।
होटल प्रबंधन से होंगे सवाल-जवाब
एसपी सिटी अजय सिंह ने डालनवाला कोतवाली प्रभारी को अजंता होटल के प्रबंधन तंत्र को लिखापढ़ी में नोटिस देकर जवाब मांगने को कहा है। उन्होंने कहा कि बिना सामान के उन दोनों को कमरा देने में परहेज क्यों नहीं किया गया। आईडी के अलावा दूसरे स्तर से भी इसका सत्यापन करना चाहिए।
डेबिट कार्ड से होटल में किया भुगतान
पुलिस ने होटल को किए गए सवा लाख रुपये के भुगतान की भी जांच की है। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि 28 नवंबर को 12 हजार, चार दिसंबर को 30 हजार, 12 दिसंबर को 13000 नगद, 20 हजार डेबिट कार्ड से दिए गए। इसके अलावा 13 और 14 दिसंबर को 20-20 हजार रुपये भुगतान किया गया। डेबिट कार्ड उसकी मां सुमन गौतम के नाम का है, जिसमें करीब 92 हजार रुपये थे। साथ ही पिता के खाते में 36 हजार रुपये थे।