देहरादून। शिमला बाईपास पर ट्रकों की एंट्री न होने से गन्ना किसानों पर भी असर पड़ रहा है। यहां गन्ना ढुलाई वाले ट्रकों को भी एंट्री नहीं मिल रही है। इससे किसानों का गन्ना खेतों और क्रय केंद्रों पर सूख रहा है। मंगलवार को किसानों ने गन्ना ढुलाई में लगे ट्रकों को एंट्री के लिए ज्यादा समय दिए जाने की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के अध्यक्ष सोमदत्त शर्मा के नेतृत्व में मंगलवार को सैकड़ों गन्ना किसान जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। यहां किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से वार्ता की। उन्होंने कहा कि शिमला बाईपास पर हादसों को देखते हुए ट्रकों और अन्य भारी वाहनों की एंट्री बेहद कम समय के लिए होती है। इनका असर गन्ना ढुलाई वाले ट्रकों पर भी होता है। चूंकि, तौल केंद्रों से गन्ना कम उठाया जा रहा है तो तौल भी बेहद कम हो रही है। ऐसे में किसानों का गन्ना खेतों में ही सूख रहा है।
यही नहीं गन्ने की कटाई समय पर न होने से अगली फसलों का भी चक्र बिगड़ सकता है। लिहाजा, शिमला बाईपास पर गन्ना ढुलाई वाले ट्रकों को दिन में भी चलने की इजाजत दी जाए। देहरादून बी, भुड्डी, झाझरा, सभावाला, जाटोंवाला, प्रीतपुर, सेलाकुई, राजावाला, रामसावाला, शंकरपुर, सहसपुर, हरबर्टपुर, ढकरानी, जीवनगढ़, और विकासनगर तौल केंद्रों के हजारों किसान परेशान हैं। किसानों की समस्या सुनने के बाद जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव ने एसएसपी से बात कर हल निकालने का आश्वासन दिया। मुलाकात करने वलों में जिलाध्यक्ष लाल सिंह गुर्जर, चमन सिंह, श्याम लाल, सतेंद्र, सुधीर कुमार आदि मौजूद रहे।