राजपुर रोड पर फुटपाथ पर टाइल्स लगाकर पेड को कवर किया गया
राजधानी में हजारों की संख्या में ऐसे पेड़ हैं, जिनके चारों तरह तरफ सटाकर पीडब्ल्यूडी व नगर निगम ने सौंदर्यीकरण के नाम पर टाइल्स लगा दी गईं है। इससे जड़ों तक ठीक से पानी नहीं पहुंचे के कारण उनका विकास रुक गया है। साथ ही दीमक इन्हें खराब करने लगी है। यह स्थिति तब है कि जब वन विभाग की ओर से इस तरह की टाइल्स लगाए जाने पर पूरी तरह रोक लगाई जा चुकी है।
घंटाघर से लेकर दिलाराम चौक, राजपुर रोड, जाखन तक सड़क के दोनों तरफ सौंदर्यीकरण के नाम पर पेड़ों के चारों तरफ टाइल्स लगा दी गई हैं। इसके अलावा घंटाघर से होेते हुए चकराता रोड पर पेड़ाें के चारों ओर सटाकर टाइल्स लगा दी गई हैं। टाइल्स लगाए जाने से इसका सीधा असर पेड़ों के विकास पर पड़ रहा है। हालांकि इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी की ओर से संबंधित विभागाें को पत्र लिखा गया था, लेकिन इसके बावजूद टाइल्स लगाने पर रोक नहीं लगाई गई। ऐसे में अब एक बार फिर वन विभाग ने नगर निगम व पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा है।
प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान का कहना है कि पेड़ाें की जड़ के चारों तरफ टाइल्स लगाना ठीक नहीं है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी, नगर निगम को पत्र लिखा जा रहा है जिसमें दोनों विभागों से पेड़ों की जड़ों में लगी टाइल्स को हटाने की बात की जा रही है।
आदेश ठेंगे पर, पेड़ों पर कील ठोक लगाए इश्तहार
राजधानी में पेड़ों पर कील ठोक कर बैनर, होर्डिंग्स लगाने पर वन विभाग ने भले ही प्रतिबंध लगा दिया हो, लेकिन लोगों पर इसका कोई असर नहीं है। फन एंड फूड किंगडम ने तो पेड़ पर लोहे की कील ठोंककर विज्ञापन के होर्डिंग्स लगा दिए। इसके अलावा नशा मुक्ति केंद्र व ऑफिसर्स एकेडमी कोचिंग की ओर से ऐसे ही होर्डिंग्स लगाए गए हैं।