भावुक ताकत (इमोशनल स्ट्रेंथ) जीवन के सभी कौशल में सबसे अहम कौशल है। इसे मदर्स ऑफ ऑल लाइफ स्किल्स भी कहा जा सकता है। उत्तराखंड उदय-अमर उजाला संवाद में मदर्स प्राइड स्कूल की चेयरमैन सुधा गुप्ता श्रोताओं के बीच लाइफ स्किल्स और बेहतर जीवन जीने के पांच मंत्र लेकर पहुंची। उन्होंने कहा कि जीवन में अगर खुशहाली होगी तो बच्चे भी खुशहाल होंगे।
सुधा गुप्ता ने कहा कि आज जरूरत है कि हम बच्चे के विकास में इमोशनल कमजोरी को दूर करें। हम स्कूलों में ही ऐसे पाठ्यक्रम पढ़ाएं कि बच्चा भावुक तौर पर मजबूत हो। उसके भीतर हर हालात से लड़ने की ताकत हो। बच्चे के माता-पिता अगर मजबूत होंगे, तो बच्चे में काफी हद तक यह गुण विकसित भी होता है।
सुधा गुप्ता के मुताबिक वैसे तो कम्यूनिकेशन स्किल, निर्णय लेने की क्षमता, समस्या हल करने की क्षमता, आत्म विश्वास, सकारात्मक व्यवहार, साहस, पहल करने की क्षमता, लीडरशिप की क्षमता हमारी लाइफ स्किल्स हैं लेकिन इन सबमें सब से ऊपर होनी चाहिए इमोशनल स्ट्रेंथ स्किल। अगर भावुक तौर पर मजबूत होंगे तो किसी भी परेशानी का मुकाबला डटकर कर सकेंगे। किसी बच्चे या युवा की कामयाबी के लिए इमोशनल स्ट्रेंथ जरूरी है।
सुधा गुप्ता के पांच सक्सेज मंत्र
पहला मंत्र : शिकायतबाज न बनें
अगर आप जीवन में खुश रहना चाहते हैं तो शिकायतबाजी से बचें। भले ही आपको किसी का व्यवहार सही न लगे। आप अपने घर में भी एक-दूसरे की शिकायत करने से बचें। इससे बेहतर होगा कि आप उस शिकायत या समस्या का हल निकालने पर सोचें। निश्चित तौर पर इससे आपके भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
दूसरा मंत्र : परेशानी से दूर रहें
अगर आप अपने दिगाम में परेशानी यानी अपसेट होने से बचाएंगे तो यह बेहतर रास्ता हो सकता है। इससे बचने के लिए सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि आप अपने मन में खुद ही नकारात्मक स्टोरी न बनाएं। मसलन, अगर आपके पति घर आए और आपसे मिले बिना सीधे अंदर चले गए तो इसे नकारात्मक तरीके से कतई न सोचें। इस पर दिमाग में स्टोरी न बनाएं। आप खुशहाल रहेंगे।
तीसरा मंत्र : रिश्तों की अहमियत समझें
अपनी जीवन में उन लोगों को जरूर थैंक्यू बोलो, जिन्होंने आपके लिए कुछ किया है। आपके माता-पिता, रिश्तेदार, पड़ोसी या कोई भी वह दोस्त जो आपके जीवन का अहम हिस्सा है। रिश्तों की अहमियत को समझें। हम तो तेजी से रिश्तों को बिगाड़ने के बारे में सोचते हैं, कभी यह नहीं सोचते कि रिश्ते संवारने, संजोने कैसे हैं। यह काम करेंगे तो सदैव खुश रहेंगे।
चौथा मंत्र : समस्याओं का सामना करना सीखें
हर किसी के जीवन में समस्याएं आती हैं। आपको इन समस्याओं का सामना करना सीखना होगा। इनसे कतई नहीं घबराना। यह आपकी एक लाइफ स्किल है कि आप समस्याओं का निवारण कैसे करते हैं। कई बार छोटी सी समस्या को हम अपने व्यवहार व सोच से बड़ा बना देते हैं। जबकि बड़ी से बड़ी समस्या को छोटा बनाने के बारे में सोचना चाहिए।
पांचवां मंत्र : मजा और मनोरंजन जरूरी
जीवन में काम का बोझ, भागमभाग भरी जिंदगी, छुट्टी कम-काम ज्यादा। ऐसी आज की जिंदगी को खुशहाल रखने के लिए जरूरी है कि आप जब भी मौका मिले जमकर मजे करें और मनोरंजन करें। अपने परिवार के साथ कहीं घूमने जाएं या फिर कोई खेल खेलकर उनका मनोरंजन कर सकते हैं। रिश्ते मजबूत तो होंगे ही, आपकी जिंदगी में एक खुशहाली भी आएगी।