समिति के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी कहना है कि मंदिर परिसर में कहीं कोई ताम्रपत्र नहीं था। समिति के रिकार्ड बुक में भी किसी भी ताम्रपत्र का उल्लेख नहीं है। यहीं नहीं, किसी अधिकारी-कर्मचारी ने भी इससे पूर्व कभी किसी ताम्रपत्र मिलने या देखने की बात नहीं कही। इधर, स्थानीय लोगों में बीते दो दिन ये ताम्रपत्र चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक खत्री का कहना है कि मंदिर के अलग-अलग भागों में ताम्रपत्र लगे हुए मिले हैं, लेकिन कर्मचारी पूर्व में ऐसा नहीं होना बता रहे हैं, जो जांच का विषय है। पुरातत्व विभाग को ताम्रपत्र की जांच के लिए लिखा जा रहा है। अगर, किसी ने यह जानबूझकर किया है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।