फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: हिम तेंदुए के आहार में शामिल ब्लू शीप की उप प्रजाति मिली, भारतीय वन्यजीव संस्थान ने किया अध्ययन

Thu, 26 Dec 2024 01:38 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

भारतीय वन्यजीव संस्थान ने अध्ययन किया है, इसमें जीनोम जांच में ब्लू शीप की एक और उप प्रजाति का पता चला है। अभी वैज्ञानिकों को एक ही प्रजाति के बारे में पता था।
 
विज्ञापन
हिम तेंदुआ - फोटो : स्रोत पार्क प्रशासन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय वन्यजीव संस्थान के अध्ययन में हिमालीय राज्य में ब्लू शीप की एक और उप प्रजाति का पता चला है। इसके अलावा ब्लू शीप पश्चिम से पूर्वी इलाकों में माइग्रेशन की भी जानकारी सामने आई है। वन्यजीव विशेषज्ञ हिम तेंदुए के संरक्षण की दिशा में इसे बेहतर संकेत मान रहे हैं।

उत्तराखंड, हिमाचल, लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में 2500 से 5500 मीटर की ऊंचाई पर ब्लू शीप मिलती है। इसको लेकर भारतीय वन्यजीव संस्थान ने अध्ययन किया है, इसमें जीनोम जांच में ब्लू शीप की एक और उप प्रजाति का पता चला है। अभी वैज्ञानिकों को एक ही प्रजाति के बारे में पता था।

विज्ञापन


एनिमल इकोलॉजी एंड कंजरवेशन बायोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रमुख वैज्ञानिक एसके गुप्ता कहते हैं कि यह अध्ययन तीन साल तक किया गया है। इससे उप प्रजाति और ब्लू शीप के इलाकों में मूवमेंट की भी जानकारी सामने आई है। क्योंकि हिम तेंदुए के आहार में ब्लू शीप एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, उसकी दृष्टि से यह अहम है। नई जानकारी सामने आने से संरक्षण कार्याें में मदद मिलेगी। रिसर्च टीम में दीपेश सैनी, वैज्ञानिक विष्णु प्रिया, डॉ. सेल्वाडोर, डॉ. एस सत्य कुमार शामिल रहे।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand News: अब अफसर-कर्मचारी नहीं डाल सकेंगे विवादित पोस्ट, बनने जा रही है सोशल मीडिया आचार संहिता

हिम तेंदुए के लिए ब्लू शीप अहम
कुछ साल पहले भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक शिवम श्रोत्रिय ने हिम तेंदुए आदि आहार को लेकर अध्ययन किया था, उससे ब्लू शीप के तुलनात्मक तौर पर अन्य वन्यजीव के अधिक शिकार करने का पता चला था। वैज्ञानिक डॉ शिवम कहते हैं कि स्नो लेपर्ड के लिए ब्लू शीप अहम है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें