सचिव आयुष आरके सुधांशु का कहना है इन्वेस्टर्स समिट में आयुष सेक्टर में 1751 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर एमओयू हस्ताक्षर हुए थे। इसमें अब तक 250 करोड़ के निवेश पर काम शुरू हुआ है। जिसमें मसूरी और रामनगर में वेलनेस रिजार्ट बनाए जा रहे हैं।
एमएसएमई नीति में ये सुविधाएं
एमएसएमई क्षेत्र में निवेश करने पर सरकार ने पूरे प्रदेश को चार श्रेणियों में बांटा है और श्रेणी के हिसाब से मशीनरी लगाने के लिए अनुदान राशि व ब्याज दर में छूट का प्रावधान किया है। ‘ए’ श्रेणी के जिलों में छोटे उद्योग लगाने पर मशीनरी के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी और ब्याज दर में 10 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इसी तरह ‘बी’ श्रेणी में 35 प्रतिशत, ‘सी’ श्रेणी में 25 प्रतिशत और ‘डी’ श्रेणी में 15 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी।
| श्रेणी |
क्षेत्र |
| ए |
पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर जिला। |
| बी |
पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, नैनीताल, देहरादून जिला के पर्वतीय विकासखंड। |
| बी प्लस |
पौड़ी जिला के कोटद्वार, सिगड्डी, टिहरी के ढालवाला, मुनी की रेती, तपोवन नैनीताल का कोटाबाग व देहरादून का कालसी ब्लाक। |
| सी |
रायपुर, सहसपुर, विकासनगर, डोईवाला, रामनगर व हल्द्वानी विकासखंड। |
| डी |
हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर जिला, देहरादून व नैनीताल जिला (बी, बी प्लस व सी श्रेणी में शामिल क्षेत्र को छोड़कर)। |
प्रदेश में आयुष सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नीति बनाई है। पहाड़ों में वेलनेस सेंटर, पंचकर्मा व रिजार्ट बनाने के लिए निवेशकों को आयुष विभाग डेढ़ करोड़ की अलग से सब्सिडी देगा। प्रदेश में आयुष सेक्टर में निवेश की काफी संभावनाएं है। निवेश होने से प्रदेश में पर्यटन भी बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
- डॉ.हरक सिंह रावत, आयुष मंत्री