बुकिंग के बावजूद गैस एजेंसियों में बैकलॉग से देहरादून जिले के 55 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को सब्सिडी सिलेंडर से हाथ धोना पड़ा है।
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गैस के लिए भले लोगों ने मार्च में बुकिंग कराई हो, लेकिन सिलेंडर अप्रैल में नये कोटे से मिलेगा। मार्च फीवर खत्म होने के बाद गैस एजेंसियों में राहत नहीं है।
नए वित्तीय सत्र के पहले महीने अप्रैल में भी पुरानी बुकिंग के सिलेंडर सप्लाई किए जा रहे हैं। इससे आगे भी बैकलॉग रहने की आशंका है।
55 हजार से अधिक का बैकलॉग दर्ज
शहर की कई एजेंसियों ने पहली अप्रैल को 3 और 4 मार्च के बुकिंग वाले सिलेंडर बांटे। सबसे अधिक शिकायत के बावजूद शिवा गैस एजेंसी में 22 मार्च के सिलेंडर बांटे गए।
पूरे जिले में 55 हजार से अधिक का बैकलॉग दर्ज किया गया। मार्च में बुक सिलेंडरों की आपूर्ति साल 2014-15 के कोटे के पहले सिलेंडर के तौर पर उपभोक्ता के खाते में दर्ज हो रही है।
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नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ सिस्टम अपडेट हो गया है। बीते महीने की बुकिंग इस महीने ट्रांसफर हो जाएगी, लेकिन उपभोक्ता को मिलने वाला सिलेंडर नए कोटे से कटेगा, जो बाकायदा बुक पर दर्ज होगा।
- धीरेंद्र कुमार उप महाप्रबंधक (आईओसी)
ये है बैकलॉग
ऋषि गैस ऋषिकेश- 5200
अंकुर गैस, ऋषिकेश- 4290
यूरेका गैस, पंडितवाड़ी- 4065
दून गैस, चकराता रोड- 4000
शिवा गैस, हरिद्वार बाईपास- 2280
कामर्शियल, नॉन सब्सिडी सिलेंडर सस्ते
नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही तेल कंपनियों ने कामर्शियल और नॉन सब्सिडी गैस सिलेंडर की कीमत घटाकर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है।
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कंपनियों ने नॉन सब्सिडी वाले 14 किलो के सिलेंडर में 104.50 रुपए और 19 किलो के कामर्शियल सिलेंडर में 155 रुपए कम किए हैं। अप्रैल महीने में नॉन सब्सिडी 14 किलो का सिलेंडर 1044.50 रुपए और 19 किलो का कामर्शियल सिलेंडर 1765 रुपए में मिलेगा।
धड़ल्ले से जारी है कालाबाजारी
दिन-मंगलवार, समय-सुबह साढे़ 10 बजे। स्थान-कारगी चौक से लाल पुल की सड़क। एक साइकिल पर तीन सिलेंडर ले जाते व्यक्ति को पूछा, भैया गैस मिल जाएगी क्या।
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साइकिल सवार बोला, मिल तो जाएगी, लेकिन 1200 रुपए लगेंगे। सिलेंडर कब तक मिल जाएगा... उसका जवाब था कि ‘अभी ले लो या एड्रेस बता दो सिलेंडर घर पहुंच जाएगा’। दून में धड़ल्ले से हो रही गैस की कालाबाजारी की यह बानगी भर है।
यूं तो गैस का संकट दिखाया जा रहा है, लेकिन ब्लैक में सिलेंडर घर तक पहुंचा दिया जाता है। गैस की होम डिलीवरी के लिए एजेंसी संचालकों ने छोटी गाड़ियों के साथ ही साइकिल और स्कूटर सवार भी रखे हुए हैं।
सादे कपड़ों में होते हैं एजेंसी के कर्मचारी
एजेंसी के कर्मचारी तेल कंपनी या एजेंसी की ड्रेस में होते हैं, लेकिन कुछ सादे कपड़ों में भी मिल जाते हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी मौका मिलने पर सिलेंडर ब्लैक कर देते हैं।
हाल यह है कि होटल, ढाबों, ठेलियों, रेस्टोरेंटों आदि में आपूर्ति के लिए एक हजार रुपए प्रति सिलेंडर लिया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो अधिकतर साइकिल सवार सिलेंडर से गैस भी निकाल लेते हैं।
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उत्तरांचल गैस एजेंसी के संचालक तनवीर का भी मानना है कि कर्मचारियों की आड़ में कई साइकिल सवार ऐसा काम करते हैं। कई बार ऐसे लोग पकड़े जा चुके हैं।
कालाबाजारी रोकने के लिए साइकिल या स्कूटर पर सिलेंडर सप्लाई करने वाले कर्मचारियों पर पूरी नजर रखी जाती है। बकायदा फोन कर उपभोक्ता से सिलेंडर मिलने के बारे में पूछा जाता है।
एक माह में दूर करें गैस किल्लत
देहरादून जिले में गैस की किल्लत दूर करने के लिए डीएम ने तेल कंपनी इंडियन ऑयल कार्पोरेशन और एजेंसियों को एक माह का वक्त दिया है। साथ ही शिकायत मिलने पर एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
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मंगलवार को तेल कंपनी और गैस एजेंसी संचालकों की बैठक में जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि गैस की कालाबाजारी पर एजेंसी संचालकों पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने एजेंसी संचालकों को बैकलॉग सही करने और एक माह में बैकलॉग दूर करने को कहा। डीएम ने कहा कि एजेंसी संचालकों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। बैठक में आईओसी के रोहन दलाल, जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य आदि भी मौजूद थे।