तीन तलाक पर कानून बनना ठीक है, लेकिन समाज सुधार की दिशा में जितने भी काम हो रहे हैं, इनमें सबको साथ लेकर चलना चाहिए। यह कहना है पूर्व लोकसभा सांसद एवं सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो की सदस्य सुभाषिनी अली का।
बृहस्पतिवार को वह राजपुर रोड स्थित रूलक कार्यालय में ‘देश को आजाद हुए 70 वर्षों में हमने क्या खोया क्या पाया’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि हमें बहुत शांतिपूर्वक स्वतंत्रता हासिल हुई थी, लेकिन हम अपने संविधान की अहमियत नहीं समझ पाए। डॉ.भीवराव अंबेडकर का संविधान निर्माण में अहम योगदान रहा, जिससे सबको समान अधिकार मिला।