ग्रामीण अजीत सिंह रावत ने कहा कि गत तीन सितंबर को रास्ता बंद होने से बच्चों को एक किमी चढ़ाई चढ़कर कॉलेज जाने को मजबूर होना पड़ा था। 12 सितंबर को अधिकारियों ने मलबा हटाकर स्कूल का रास्ता खोला था, लेकिन एक बार फिर मलबा आने से रास्ता खराब हो गया। बच्चे जान जोखिम में डालकर किसी तरह स्कूल पहुंच रहे हैं।
लोनिवि की लापरवाही से क्षतिग्रस्त हुए रास्ते के बदले उन्हें गांव के लिए खेतों के पास तक सड़क चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में रोहित रावत, प्रिया रावत, साक्षी, सिमरन, महक रावत, मोहित, सुजल रावत, विपिन, सुमित, अंशिका, अंशु रावत, मुस्कान, ममता, मेघा व क्षितिज रावत आदि शामिल रहे। उधर, लोनिवि बैजरों के अपर सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि एक दो दिन में पैदल रास्ते को ठीक करवा दिया जाएगा।