हंगामे के समय अपराह्न करीब दो बजे बायोटैक विभाग में क्लासें चल रहीं थी। छात्रों की भीड़ जब वहां पहुंची तो बायोटैक की क्लासों में भगदड़ मच गई, छात्राएं किसी तरह क्लास से निकल पाईं। विभाग प्रभारी डॉ.बीके सिंह ने उग्र छात्रों को शांत किया। इसी तरह लाइब्रेरी, लेखा विभाग समेत सभी विषयों के विभागों को भी छात्रों ने जबरन बंद करवा दिया।
शिक्षाशास्त्र विभाग में प्रेक्टिकल रोका, नोकझोंक
आंदोलित छात्र हंगामा करते हुए जब शिक्षाशास्त्र विभाग को बंद कराने पहुंचे तो वहां प्रेक्टिकल चल रहा था तथा अल्मोड़ा कैंपस से प्रोफेसर आईं थीं। छात्र नेताओं ने प्रेक्टिकल रोक दिया और विद्यार्थियों को भगा दिया। इस पर विभागाध्यक्ष डॉ.शांति नयाल से उनकी नोकझोंक भी हो गई। छात्रों ने चेतावनी दी कि शनिवार को भी प्रेक्टिकल नहीं होने देंगे।
पुराने छात्रनेताओं ने संभाली कमान
एमबीपीजी कॉलेज में चल रहे आंदोलन की कमान अब पुराने छात्रनेताओं ने संभाल ली है। एबीवीपी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप कुल्याल और एनएसयूआई के छात्रनेता हर्षित जोशी छात्रों का नेतृत्व कर रहे थे। कुलदीप कुल्याल ने कहा कि जब तक सभी को प्रवेश देने की मांग पूरी नहीं होगी, महाविद्यालय नहीं खुलने दिया जाएगा।
उग्र छात्रों ने ज्ञापन देने से किया इनकार
प्राचार्य कक्ष की छत पर चढ़े छात्रों से पुलिस ने प्रभारी प्राचार्य को ज्ञापन देने की बात कही तो छात्रों ने इनकार दिया। कहा कि वह कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन उनका ज्ञापन कुमाऊं विवि जाता ही नहीं। इस पर प्रभारी प्राचार्य डॉ.विनय विद्यालंकार ने फाइल निकालकर छात्रों को दिखाया तब वे शांत हुए। छात्रनेता कमल भट्ट ने कहना था कि दाखिले की मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन में छात्रसंघ सचिव गौरव सनवाल, एबीवीपी के छात्र नेता देवेंद्र सिंह बिष्ट, मनोज संभल, अभिषेक शर्मा, दीपक मेवाड़ी, सूरज सिंह रमोला, भुवन सिंह दानू, योगेश चिराग संभल, राकेश उप्रेती, गोविंद सिंह दानू, सुल्तान दरम्वाल आदि थे।