विश्वविद्यालय में एल्कोहल सेंसर, बैटरी को ग्राफिन की मदद से दोबारा उपयोग में लाने आदि के प्रयोग किए जा चुके हैं और दूसरे राज्यों में स्थित प्रयोगशालाओं में परीक्षण के बाद इनका पेटेंट भी कराया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए 50 लाख पूर्व में ही मंजूर किए थे।
प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है। रमन स्पेक्ट्रोफोटोमीटर लगने के बाद ग्राफिन से संबंधित प्रारंभिक टेस्ट आवासीय विश्वविद्यालय में ही हो सकेंगे। परियोजना को यूकास्ट ने मंजूरी दे दी है।
- एचएस धामी, कुलपति आवासीय विवि, अल्मोड़ा