कुछ लोगों ने शिक्षक का विरोध तो कुछ ने पक्ष लेना शुरू कर दिया। यही नहीं मामले को लेकर गांव में बैठक भी हुई। इसके बाद गांव के अनुसूचित जाति के दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं ने कॉलेज आना बंद कर दिया है।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि वे छुट्टी पर हैं और उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। मामले में छात्रों से लिखित में मांगा गया है कि शिक्षक से उन्हें क्या शिकायत है। इस बाबत उक्त शिक्षक से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। दोनों पक्षों के लोगों से संपर्क किया जा रहा है। कोशिश है कि बातचीत कर समस्या का हल निकले और छात्र स्कूल आना शुरू करें।
-आरके चौधरी, प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य ने स्पष्टीकरण मांगा था और मैंने उसका लिखित में जवाब दे दिया है। इसके अलावा मुझे और कुछ नहीं कहना है।
सुखपाल सिंह भास्कर, शिक्षक