एटीएम कक्ष में ही एक कैश डिपोजिट मशीन भी लगी हुई थी। फुटेज में दिखा कि उनमें से एक युवक ने कुछ कैश जमा किया है। इसकी जानकारी की गई तो मालूम हुआ कि पैसे किसी बबीता निवासी नवादा बिहार के खाते में जमा किया गया है। पुलिस इस जानकारी के आधार पर बिहार पहुंची तो बबीता ने बताया कि इस खाते को उसका भाई रोहित (19) उर्फ चमन इस्तेमाल करता है। इसी आधार पर पुलिस रोहित तक पहुंची और फिर उसके दोस्त आयुष (21) तक।
पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने देहरादून में रह रहे रंजीत नाम के युवक का नाम भी लिया। दोनों ने पुलिस को बताया कि रंजीत देहरादून के एक रेस्टोरेंट में काम करता है। उन्होंने स्कीमर रंजीत को दिया था। उसने स्कीमर की मदद से रेस्टोरेंट में खाने के बिल का भुगतान करने के दौरान सिमरनजीत के डेबिट कार्ड का डाटा चुराया था। इसके बाद उन्होंने ब्लैंक कार्ड के माध्यम से उसका क्लोन तैयार किया और रोहिणी स्थित एटीएम से पैसा निकाल लिया।
राठौर ने बताया कि रंजीत मूल रूप से तालाब चौक जालंधर पंजाब का रहने वाला है। जबकि, आयुष और रोहित बिहार के रहने वाले हैं। इनमें रोहित दिल्ली में दसवीं की और आयुष 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। इनके पास से मैग्नेटिक कार्ड रीडर, वाईफाई कैमरा, कार्ड रीडर पार्ट्स, पोर्टेबल कार्ड रीडर, तीन ब्लैंक एटीएम और एक एसबीआई का डेबिट कार्ड बरामद हुआ है।