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उत्तराखंडः कॉलेज कैंपस में छात्र संघ अध्यक्ष और प्रोक्टर ने खुद पर पेट्रोल डाला, ये है पूरा मामला

Thu, 28 Mar 2019 12:15 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा
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अमर उजाला फाइल फोटो
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उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित एसएसजे परिसर में जीआईएस विभाग में कार्यरत विवादास्पद संविदा शिक्षक पवन कुमार को हटाने की मांग को लेकर छात्रों ने जमकर बवाल किया। छात्रों ने परिसर बंद करवाकर जुलूस निकाला और कुलपति और परिसर प्रशासन का पुतला फूंका।

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हंगामे के बीच छात्रसंघ अध्यक्ष राजन चंद्र जोशी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। इससे नाराज कुलानुशासक प्रो. देवेंद्र सिंह बिष्ट ने भी अपने शरीर पर पेट्रोल डाल लिया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घंटों चले हंगामे के बाद आखिरकार संविदा शिक्षक को हटाने की संस्तुति की गई तो छात्र शांत हुए।

छात्रों के दोनों गुट आपस में भिड़ गए

संविदा शिक्षक पवन कुमार को हटाने के मुददे पर बुधवार सुबह करीब 11 बजे जीआईएस विभाग में अध्ययनरत छात्रों, छात्र संघ पदाधिकारियों की परिसर निदेशक प्रो. आरएस पथनी, जीआईएस के हेड प्रो. जेएस रावत, कुलानुशासक प्रो. देवेंद्र सिंह बिष्ट आदि के साथ बैठक शुरू हुई। जीआईएस के 21 छात्र भीतर बैठक में मौजूद थे।

इस दौरान कुछ छात्र नेताओं ने जीआईएस के छह अन्य छात्र-छात्राओं को संविदा शिक्षक का करीबी बताते हुए बैठक कक्ष में नहीं घुसने दिया।  इस पर उन्होंने  हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों के दोनों गुट आपस में भिड़ गए और बैठक शुरू नहीं हो सकी। 

छात्रों ने जुलूस निकालकर परिसर बंद करा दिया

बाद में छात्रसंघ पदाधिकारियों और अन्य छात्रों ने जुलूस निकालकर परिसर बंद करा दिया और धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद परिसर प्रशासन के अधिकारियों ने छात्र संघ अध्यक्ष को वार्ता के लिए बुलाया। छात्र संघ अध्यक्ष राजन जोशी एक बोतल में पेट्रोल लेकर बैठक में पहुंचे और पवन कुमार को परिसर से बर्खास्त करने की मांग पर पेट्रोल अपने कपड़ों में छिड़क लिया। तभी कुलानुशासक प्रो. देवेंद्र बिष्ट ने भी बोतल छीन कर अपने कपड़ों पर भी पेट्रोल उड़ेल लिया।

बवाल की सूचना मिलने पर कोतवाल अरुण वर्मा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। कोतवाल ने किसी तरह बीच बचाव करके छात्रों को शांत करवाया। बाद में स्थिति की नाजुकता को देखते हुए परिसर प्रशासन के अधिकारियों ने विवादास्पद शिक्षक पवन कुमार को नौकरी से हटाने की संस्तुति कर दी। बताया गया है कि कुछ देर बाद ही नैनीताल में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पवन कुमार को हटाने का फैसला कर दिया। करीब तीन बजे पवन कुमार को हटाने की जानकारी मिलने के बाद छात्र शांत हुए।  
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छात्राओं ने पहले भी की थी संविदा शिक्षक की शिकायत 

जीआईएस की कुछ छात्राओं ने संविदा शिक्षक पवन कुमार पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। एक छात्रा का यहां तक कहना था कि पवन कुमार ने उसकी कोई फोटो वायरल करने की भी धमकी दी थी। बताया गया है कि कुछ छात्र-छात्राओं ने पवन कुमार के खिलाफ मुख्यमंत्री, कुलपति और महिला आयोग से भी शिकायत की थी।

कुछ समय पहले भी इस तरह के एक प्रकरण को लेकर एक छात्रा ने शिकायत की थी और बाद में परिसर प्रशासन के अधिकारियों ने माफीनामा लिखवाकर मामला निपटा दिया था लेकिन फिर से पवन कुमार की शिकायतें सामने आने लगीं।
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