अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि चुनाव आचार संहिता की अवहेलना कर कुंडेश्वरी चौकी का घेराव करने और दरोगा के साथ अभद्रता करने के मामले में आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है। पुख्ता साक्ष्य जुटाने के बाद ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है।
एएसपी ने कहा कि यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शिक्षा मंत्री की भूमिका चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन तक ही सीमित है या चौकी प्रभारी पर हुए हमले के मामले में भी उनकी कोई भमिका है। यदि चौकी प्रभारी पर हमले में शिक्षा मंत्री की भूमिका पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि खनन के सीज डंपर को छुड़ाने के लिए कुंडेश्वरी चौकी पर हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
पुलिस की जैकेट पहने एक युवक के साथ कुछ लोगों के द्वारा हाथापाई करने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस युवक के साथ गाड़ी में कुंडेश्वरी चौकी का एक दरोगा भी उसे बचाने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहा है। खनन करने वालों ने मंगलवार को चौकी के घेराव के दौरान आरोप लगाया था कि भीम नगर निवासी युवक पुलिस की वर्दी पहनकर खनन लदे वाहनों से वसूली करता है।
यह युवक अक्सर बोलेरो गाड़ी में पुलिसकर्मियों के साथ देखा जाता है। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने शिक्षा मंत्री को सोशल मीडिया में वायरल हो रहा एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें पुलिस की जैकेट पहने एक युवक चौकी के एक दरोगा के साथ बोलेरो कार में है। कुछ लोग इसे को दलाल बताते हुए उसके साथ धक्का मुक्की और अभद्रता कर रहे हैं। साथ में मौजूद कुंडेश्वरी चौकी के दरोगा हमलावरों के चंगुल से उक्त युवक को बचाने का प्रयास कर रहा है।
सीओ मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहा युवक पुराना चौकीदार है। वह वर्दी में नहीं, अपितु पुलिस की जैकेट पहने हुए था। यह वीडियो भी पुराना है। उसे खनन लदे वाहनों की निकासी के रास्तों के बारे में पूरी जानकारी है। उस पर वाहनों से वसूली के आरोप जांच में निराधार पाए गए।
कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी के साथ धक्कामुक्की और हाथापाई के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी के भय से खनन कारोबारी और ट्रांसपोर्टर भूमिगत हो गए हैं। इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर लोस चुनाव का बहिष्कार करने की धमकी देने वाले प्रधानों और खनन कारोबारियों ने बुधवार को बैठक नहीं की। इस बैठक को लेकर पुलिस और एलआईयू की टीमें सतर्क थीं। पुलिस की सख्ती को देखते हुए खनन कारोबारी बैठक करने का साहस नहीं जुटा सके। इस दौरान पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश देती रहीं।
बुधवार दोपहर प्रधान संघ के अध्यक्ष तरसेम सिंह, ग्राम प्रधान संजय चौधरी, राजेश कुमार कुंडेश्वरी चौकी पहुंचकर एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र से मिले। उन्होंने एएसपी से पुलिस पर लगे आरोपों की जांच कराने की मांग की। एएसपी ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई करने की बात कही। प्रधान संजय चौधरी ने बताया कि इस प्रकरण में ग्राम प्रधानों और खनन कारोबारियों की बैठक कर बृहस्पतिवार तक लोस चुनाव के बहिष्कार को लेकर ठोस निर्णय लिया जाएगा।