उफ...यहां भी राजनीति। यह शब्द सीएमआई के इमरजेंसी में भर्ती एक महिला के हैं। एनएसयूआई के दोनों घायल छात्र नेताओं को जब इमरजेंसी में दाखिल किया गया। तो साथ में कई छात्रनेता भी अंदर प्रवेश कर गए। सूचना पर एसओ नेहरू कालोनी और चौकी इंचार्ज बाईपास अस्पताल पहुंचे।
वहां मौजूद छात्रनेता पुलिस कर्मियों से इमरजेंसी में ही उलझ पड़े। छात्रों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों और डाक्टरों ने छात्रों को इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को हो रही दिक्कतों का हवाला दिया, लेकिन सब ने आग्रह अनसुना कर दिया। इतने में एक मरीज बोली उफ...यहां भी राजनीति करोगे बेटा।
हाथ मिले, दिल नहीं
एनएसयूआई पदाधिकारियों ने स्वाती नेगी और भूपिंदर नेगी के बीच समझौता कराने की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बनी। पदाधिकारियों के कहने पर दोनों गुटों ने एक दूसरे हाथ तो मिला लिया था, लेकिन उनके दिलों में नफरत बाकी थी। यही नफरत बृहस्पतिवार को खूनी संघर्ष की वजह बनी।
स्वाती और भूपिंदर गुट के बीच दो बार झड़प होने के बाद एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष सुमित्र सिंह भुल्लर और अन्य पदाधिकारियों ने दोनों को एक जगह बैठाकर सुलह करवाई थी। भुल्लर ने बताया कि दोनों से आपस में सॉरी बोलने के बाद भी मिला लिया था। लग रहा था कि अब मामला शांत हो गया है, लेकिन अंदाजा नहीं था कि ऐसा हो जाएगा। संगठन ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है।
लड़ाई के बाद डीएवी दो दिनों के लिए बंद
एनएसयूआई के दो गुटों के बीच हुए संघर्ष के बाद डीएवी कालेज में दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। हालांकि, शुक्रवार और शनिवार को गढ़वाल विवि की परीक्षाएं निर्धारित समय पर होंगी।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छुट्टी का फैसला
कालेज में परीक्षा देने आ रहे छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छुट्टी का फैसला लिया गया है। प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन ने बताया कि कालेज अब सोमवार को खुलेगा। उन्होंने बताया कि छात्र संगठनों से वार्ता के तहत अब सोमवार से सभी विभाग भी खुल जाएंगे और एमए, एमएससी और एमकॉम की इंटरनल परीक्षाएं होंगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि संबंधित विभागाध्यक्ष से परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी ले लें।