जिन दो छात्राओं की तलाश में पुलिस भटकती रही, वह मंगलवार को खुद लौट आईं। दोनों का न तो किसी ने अपहरण किया था। न ही उनका कोई प्रेम प्रसंग ही था। दोनों ने एक दूसरे के साथ रहने के लिए घर छोड़ा था। हालांकि बताया जाता है कि उनके बीच समलैंगिक रिश्ते हैं, मगर पुलिस इससे इनकार कर रही है।
परिजनों ने कराई थी रिपोर्ट
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र निवासी 14 वर्षीय छात्रा मई माह में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। उसी के साथ देहरादून निवासी एक अन्य युवती भी गायब हो गई थी, जो उसके पड़ोस में अपने रिश्तेदार के यहां रहती थी।
परिजनों ने पहले उनके गुम होने की अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जो बाद में अपहरण की धाराओं में तरमीम हो गई थी। गंगनहर कोतवाली पुलिस ने लापता छात्राओं को हर संभावित स्थान पर तलाशा, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।
खुद ही थाने पहुंची छात्राएं
गंगनहर कोतवाली प्रभारी योगेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि दोनों छात्राएं मंगलावार को खुद ही थाने पहुंच गईं। छात्राओं ने बताया कि उनका किसी ने अपहरण नहीं किया था। न ही वह किसी युवक के साथ गई थीं। दोनों छात्राएं पक्की दोस्त हैं और साथ में रहना चाहती हैं।
इसलिए वह घर से भाग गईं थीं। घर से भागकर दोनों हिमाचल के पोंटा साहिब पहुंची। यहां पर उन्होंने किराए पर एक कमरा लिया और एक फैक्ट्री में नौकरी करने लगी। कुछ दिन पूर्व उन्हें पता चला कि गंगनहर कोतवाली में उनके संबंध में कोई मुकदमा दर्ज है। जिसके कारण वह दोनों थाने आ गईं।
सिर्फ दोस्ती ही थी
दोनों सहेलियों में एक की उम्र 14 साल है, जबकि दूसरी 18 साल की है। देहरादून की रहने वाली लड़की रुड़की में अपने मौसा के यहां रहती थी। इसी दौरान उनके बीच दोस्ती हुई।
साथ जीने और मरने की कसम खाकर दोनों साथ निकल पड़ीं। इनमें से छोटी ने ब्वाय कट अंदाज में बाल कटवा रखे हैं। जबकि बड़ी का अंदाज पहले जैसा ही है।
दोनों दोस्ती के अलावा कोई दूसरा रिश्ता होने से इनकार कर रही हैं। पुलिस के अनुसार दोनों के परिजनों को उनकी दोस्ती पसंद नहीं थी। इसी वजह से उन्होंने घर छोड़ा था।