टनकपुर महाविद्यालय के छात्र नेता दीपक बेलवाल को ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करने और उसकी वर्दी फाड़ने के मामले में दो साल की कठोर कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। मामले में जिला न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल ने न्यायिक मजिस्ट्रेट टनकपुर की निचली अदालत के फैसले को यथावत रखा है। जिला जज ने आईपीसी की धारा 332 के तहत एक वर्ष के कठोर कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास और धारा 353 के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड और अर्थदंड अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनील खर्कवाल ने पैरवी की।
यह था मामला
13 सितंबर 2017 को टनकपुर थाने में तैनात कांस्टेबल नितिन कुमार अपने सहकर्मियों के साथ रात्रि गश्त पर थे। इस दौरान छात्रनेता दीपक बेलवाल और उसके सहयोगी अंग्रेजी शराब की दुकान के दरवाजे को पीट रहे थे। जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो छात्र नेता और अन्य ने कांस्टेबल नितिन के साथ मारपीट करते हुए उनकी वर्दी फाड़ दी थी। इस पर नितिन ने छात्र नेता दीपक बेलवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 332 और 353 के तहत मामला दर्ज कराया गया था।