जिले की बडोली ग्राम पंचायत में इन दिनों लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। रविवार देर रात उल्टी-दस्त से पीड़ित आठवीं कक्षा की छात्रा ने दम तोड़ दिया। एसीएमओ डा. रश्मि पंत का कहना है कि बडोली क्षेत्र में उल्टी दस्त के प्रकोप की जानकारी मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र में चिकित्सा दल को भेजा जा रहा है।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्साधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि क्षेत्र में उल्टी-दस्त के अलावा खांसी, बुखार जैसी मौसमी बीमारियों ने भी पांव पसार लिए हैं। गांव के हर घर में उल्टी-दस्त से पीड़ित लोग बिस्तर पर पड़े हैं। ग्रामीण जय दत्त भट्ट ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण वहां किसी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधा नहीं है।
बीमारों को पहले पांच किमी पैदल चलकर सड़क तक लाया जाता है और फिर यहां से 30 किमी दूर चंपावत या 50 किमी दूर टनकपुर ले जाना पड़ता है। समय से उपचार न मिलने के कारण रविवार रात उल्टी दस्त से पीड़ित आठवीं कक्षा की छात्रा पुष्पा थ्वाल पुत्री सुरेश थ्वाल ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने गांव में चिकित्सक दल भेजने के साथ ही गांव में ही उपचार की व्यवस्था कराने की मांग की है।