पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल ऑल वेदर रोड को लेकर एक नयी बात सामने आयी है। हालांकि सभी चीजों को ध्यान में रखकर इस रोड का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन इस बात को अगर आप सुनेंगे तो चौंक जाएंगे।
पर्यावरणविद् सुरेश भाई ने ऑल वेदर रोड प्लान के तहत हर्षिल से गंगोत्री के बीच देहरादून और हरिद्वार के मानकों के अनुसार सड़क चौड़ीकरण को पर्यावरण के लिए घातक बताया है।
उन्होंने कहा कि 30 किमी तक फैले इस वन क्षेत्र में 15 मीटर के बजाए सात मीटर चौड़ी सड़क का सुझाव दिया है, इसमें दो बसें आसानी से पास हो सकती हैं। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर पर्यावरणविद् सुरेश भाई ने कहा कि ऑल वेदर सड़क योजना के तहत हर्षिल से गंगोत्री तक सड़क चौड़ीकरण में 30 किमी तक फैले वन क्षेत्र के तहत हजारों पेड़ों की बलि चढ़ेगी, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। उ
न्होंने सुझाव दिया कि देहरादून और हरिद्वार मैदानी क्षेत्रों के मानक यहां लागू न करके 15 मीटर के बजाए सात मीटर चौड़ी सड़क अगर बनाई जाए तो इसमें कम पेड़ों का नुकसान होगा। सात मीटर चौड़ी सड़क में आसानी से दो बसें आमने-सामने से पास हो सकती हैं।
सुरेश भाई ने कहा कि यह क्षेत्र बाढ़, भूस्खलन, भूकंप के लिये संवेदनशील है, लिहाजा यहां सड़क चौड़ीकरण मानकों में कटौती बहुत जरूरी है। गंगोत्री के आसपास गोमुख समेत दर्जनों ग्लेशियर हैं, जहां भरपूर हरियाली की आवश्यकता हैं।
ग्लेशियरों का तापमान बनाए रखने में भी इनकी सेवा सर्वोपरि है। यहां जिन देवदार के हरे पेड़ों को कटान के लिये चिह्नित किया गया है, उनकी उम्र न तो छंटाई योग्य है और न ही उनका कोई हिस्सा सूखा है।