ये छात्र भी देहरादून के ही एक शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले बताए गए। हालांकि, जांच के बाद पता चला कि इन छात्रों का आतंकियों से कोई संबंध नहीं है। शिक्षण संस्थान ने दानिश को तो निष्कासित कर दिया था। बाकी तीनों छात्रों कोर्स पूरा करने के बाद यहां से भेज दिया गया था।
दानिश का मामला सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियों ने दून पुलिस से यहां रहने वाले कश्मीरियों की रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद देहरादून पुलिस ने करीब 580 कश्मीरी छात्रों व अन्य लोगों का सत्यापन कर खुफिया एजेंसी को रिपोर्ट सौंपी। इस सत्यापन के दौरान भी किसी के संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त होने की जानकारी पुलिस को नहीं मिली थी।