मिली जानकारी के मुताबिक एके-47 से लैस इस छात्र की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें फोटो के साथ ऑर्गेनाइजेशन-हिजबुल मुजाहिद्दीन, कोड- मुर्शी भाई बताया गया है।
उसने खुद को बीएससी आईटी और सर्टिफाइड एथिकल हैकर (सीईएच) बताया है। ऑर्गेनाइजेशन में उसके एक्टिव होने की तारीख 20 सितंबर 2018 अंकित है। संदिग्ध छात्र शोएब जम्मू कश्मीर के एक ऐसे जिले का रहने वाला है, जो आतंकी गतिविधियों से अत्याधिक प्रभावित है।
छात्र देहरादून में प्रेमनगर स्थित एक इंस्टीट्यूट में बीएससी आईटी तृतीय वर्ष में पढ़ रहा था। चूंकि, शोएब के आतंकी बन जाने की अधिकृत पुष्टि नहीं हो सकी है, लिहाजा अमर उजाला उसकी पूरी पहचान बेपर्दा नहीं कर रहा है।
खुफिया पुलिस के मुताबिक पता चला है कि शोएब फरवरी में अचानक कॉलेज से गायब हो गया था। कई दिनों तक क्लास में न आने के कारण इंस्टीट्यूट प्रबंधन ने जब उसके बारे में पूछताछ की तो साथी छात्रों ने भी इस संबंध में कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया। इस पर प्रबंधन ने कश्मीर में उसके माता-पिता को सूचना दी, लेकिन छात्र वहां भी नहीं पहुंचा था।
चिंतित माता-पिता ने फरवरी में कश्मीर में शोएब की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद कश्मीर पुलिस छात्र के संबंध में जानकारी जुटाने दून पहुंची तो स्थानीय पुलिस के कान खड़े हो गए। आनन-फानन में इंस्टीट्यूट पहुंचकर उसके संबंध में सारी जानकारी हासिल की गई। पुलिस ने उसके साथी छात्रों से भी पूछताछ की और पूरी जानकारी कश्मीर पुलिस को मुहैया करा दी।
‘एक छात्र के संबंध में ऐसी बातें सामने आई हैं। पता चला है कि छात्र पिछले कई महीनों से गायब है। इस संबंध में इंटेलीजेंस जांच कर रही है, ताकि बाकी तथ्य जुटाए जा सकें। पूरी जानकारी आने के बाद ही इस मामले में ज्यादा कुछ बोला जा सकता है।’
- अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था)