आरोपी वासु को स्टडी रूम में छोड़कर भाग गए थे। वासु का इतना बड़ा कसूर नहीं था कि उसके सांसें तक छीन ली जाए। वासु की हत्या से उसके परिवार को गहरा आघात लगा है। यह तो पहले ही साफ हो गया था कि वासु को बल्ले और विकेट से पिटाई की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है।
बल्ले और विकेट से कमर के निचले हिस्से में की गई पिटाई से अंदरूनी हिस्से में रक्तस्राव हुआ है। इसी ब्लीडिंग की वजह से उसकी जान गई है। एसओ पीडी भट्ट के मुताबिक पीएम रिपोर्ट में कमर के निचले हिस्से में गंभीर चोट लगी है। यहीं पर काफी खून एकत्र हो गया था। शरीर पर कोई बाहरी जख्म भी नहीं है। अन्य हिस्सों में मामूली मारपीट और खरोंच के निशान पाए गए हैं।
वासु की हत्या के मामले में पुलिस साक्ष्यों के संकलन में जुटी है। घटना के दो प्रत्यक्षदर्शी भी सामने आए है, जिनके धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की तैयारी है। विवेचक ने बुधवार को गवाहों के बयान दर्ज कराने की अनुमति मांगी है। आज मजिस्ट्रेट के समक्ष गवाहों के बयान दर्ज हो सकते है। पुलिस के मुताबिक अकादमी के हॉस्टल में 42 छात्र रहते हैं।
रविवार को बच्चे हॉस्टल से चर्च जा रहे थे। आरोप है कि इसी बीच सामान खरीदते हुए वासु ने दुकान से बिस्कुट का पैकेट चोरी कर लिया था। दुकानदार की शिकायत पर स्कूल प्रशासन ने बच्चों के बिना अनुमति के बाहर जाने पर रोक लगा दी थी। इसी बात को लेकर साथी छात्रों ने वासु यादव की पिटाई कर दी थी।
जेल गए वासु के हत्यारोपी
छात्र वासु यादव की हत्या में पकड़े गए पांचों आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को सीजेएम कोर्ट, देहरादून में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इनमें आरोपी छात्र शुभांकर 19 पुत्र गंगाधर निवासी एमडीडीए कॉलोनी डालनवाला देहरादून व लक्ष्मण 19 पुत्र मदन राय निवासी भटिंडा पंजाब दोनों हाल निवासी चिल्ड्रन होम एकेडमी भोगपुर को हत्या और तीन अन्य आरोपियों प्रबंधक प्रवीण मैसी निवासी पौड़ी गढ़वाल, व्यायाम शिक्षक अशोक सोलोमन निवासी भटिंडा और वार्डन अजय कुमार निवासी भोगपुर को साक्ष्य मिटाने के आरोप में चालान किया गया है।
रानीपोखरी के चिल्ड्रन होम अकादमी में हुई छात्र वासु की हत्या से कई अव्यवस्थाओं की कलई खुल गई है। सुरक्षा के मद्देनजर ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के सभी स्कूल कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन आदेश पर भी अमल आज तक नहीं हो पाया है। चिल्ड्रन होम अकादमी में में सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो शायद वासु यादव की जान बच जाती।
रानीपोखरी पुलिस की कहना है कि चिल्ड्रन होम अकादमी के जिस हॉस्टल में 7वीं के छात्र वासु यादव की क्रिकेट के बल्ले से पिटाई कर मौत के घाट उतारा गया वहां से लेकर स्टडी रूम तक सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। इसके चलते कई घंटे चली बर्बरता की भनक स्कूल प्रबंधन को नहीं लग पाई।
स्कूल प्रबंधन की इस लापरवाही की कीमत छात्र वासु को जान देकर चुकानी पड़ी। यदि स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए होते, तो घटना को अंजाम देने वाले छात्रों और अन्य स्टाफ के अंदर भय रहता। इसके अलावा घटना को समय रहते रोका जा सकता था।
विकासखंड डोईवाला के सभी विद्यालयों में सीसीटीवी लगाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कुछ विद्यालयों में कैमरे लग भी चुके हैं। जहां अभी निर्देशों का पालन नहीं हो पाया है वहां के प्रबंधन को सख्ती के साथ कहा गया है।
- रणजीत सिंह राणा, खंड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला
घटना का सनसनीखेज खुलासा करते हुए थानाध्यक्ष पीडी भट्ट ने बताया था कि आरोपी 12वीं के छात्रों ने क्रिकेट बैट से पीट-पीटकर मासूम की हत्या की थी। विवेचना के दौरान जानकारी हासिल हुई कि 10 मार्च को वासु ने चर्च जाते समय रास्ते की एक दुकान पर बिस्कुट का पैकेट चोरी कर लिया गया, जिसकी शिकायत दुकानदार लेखपाल ने चर्च में जाकर की। इसके बाद प्रबंधन ने वासु को डांटा और छात्रों को बिना अनुमति के आउटपास जाने से रोकने के निर्देश जारी किए। इंसानियत की सभी हदें पार करते हुए आरोपी छात्रों ने पहले तो मासूम को क्रिकेट के बैट और विकेट से पीटा। जब बच्चा अधमरा हो गया तो आरोपी उसे छत पर ले गए और उसे ठंडे पानी से नहलाया।
बच्चे की हालत गंभीर होने के बावजूद भी आरोपी नहीं रुके और उसे गंदा पानी पिलाया और जबरदस्ती खाना खिलाया। जब बच्चा बेहोश हो गया तो आरोपी उसे स्टडी रूम में छोड़कर अपने कमरे में चले गए। वार्डन अजय ने वासु को बेहोश देख 11 मार्च को हिमालयन अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष ने बताया उनकी निशानदेही पर मारपीट में प्रयुक्त क्रिकेट के बैट व विकेट भी बरामद कर लिए हैं।