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शिक्षक बना 'शैतान', छात्र को बेरहमी से पीटा

Mon, 02 Dec 2013 07:12 PM IST
अमर उजाला, रुड़की
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उत्तराखंड के रुड़की में शिक्षक द्वारा छात्र को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। शिक्षक ने छात्र को इस कदर पीटा की वह मार से बेसुध हो गया।
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छात्र की हालत गंभीर
गंभीर हालत में परिजनों ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है। छात्र का कसूर बस इतना था कि वह अपने साथी से कुछ बात कर रहा था। अस्पताल में छात्र की हालत गंभीर बनी है। घटना की शिकायत पुलिस से की गई है।

मंगलौर निवासी कारोबारी राकेश का पुत्र हर्षिल हरिद्वार रोड स्थित एक पब्लिक स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र है। छात्र के मुताबिक सोमवार को छठा पीरियड खाली था, लेकिन कॉलेज के प्रधानाचार्य ने व्यवस्था के लिए एक शिक्षक को क्लास रुम में भेज दिया था।
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छात्र गहरे सदमे में है
शिक्षक क्लास रुम में पहुंचा तो उस समय हर्षिल अपने साथी छात्र से कुछ पूछ रहा था। बस इसी बात पर शिक्षक भड़क गया और छात्र की पिटाई कर दी। आरोप है कि शिक्षक ने छात्र की कनपटी और सिर पर थप्पड़ और घूंसों से कई ताबड़तोड़ वार किए।

बेरहमी से हुई पिटाई से छात्र बेसुध होकर गिर पड़ा। छात्र ने घटना की सूचना छात्र के पिता को दी। आनन-फानन में परिजन स्कूल से छात्र को लेकर सीधे अस्पताल पहुंच गए। छात्र की हालत अभी भी गंभीर बनी है।

छात्र के पिता राकेश कुमार ने बताया कि पिटाई के कारण उनके पुत्र के पैर भी नहीं हिल पा रहे है। अंदरूनी चोट लगने के साथ ही छात्र इस समय गहरे सदमे में है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है।

शिकायत पर परिजनों को दी नसीहत
छात्र के साथ हुई मारपीट के बाद जब परिजन स्कूल में पहुंचे तो उनके साथ भी शिक्षकों का बेहद खराब रहा। छात्र के पिता राकेश का कहना है कि उन्होंने स्कूल के प्रिंसपल ने इस बाबत शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन प्रिंसपल ने उल्टा उन्हें यह कहकर चौंका दिया कि आपने कैसा बच्चा पैदा किया है। स्कूल के अधिकारियों के व्यवहार को लेकर परिजनों में रोष है।

बाल संरक्षण आयोग से करेंगे शिकायत
छात्र की पिटाई से क्षुब्ध पिता राकेश ने स्कूल के शिक्षक की शिकायत बाल संरक्षण विभाग से करने की बात कही है। छात्र का कसूर इतना नहीं था, जितनी उसे सजा दी गई है।

कार्रवाई की मांग
हर्षिल की हालत देखकर उसके साथ अस्पताल में आए क्लास के साथियों में भी काफी रोष है। साथी छात्रों का कहना है कि शिक्षक ने बिना कुछ कहे और सुने बेवजह छात्र की पिटाई की है। इसलिए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

पहले भी हुई बेरहम पिटाई

केस नंबर एक
करीब दो माह पूर्व लंढौरा के आवासीय स्कूल के छात्र की भी शिक्षक ने डंडे से जमकर पिटाई की थी। पिटाई से छात्र का हाथ टूट गया था।

केस नंबर दो
मंगलौर रोड स्थित एक पब्लिक स्कूल में भी करीब दस दिन पूर्व एक नर्सरी कक्षा के छात्र को शिक्षक ने बेरहमी से पीट दिया था। जिससे मासूम छात्र की गाल पर जख्म हो गया था।
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केस नंबर तीन
करीब छह माह पूर्व शहर के एक पब्लिक स्कूल में भी शिक्षक की पिटाई से छात्र के कान से खून निकल आया था।

छात्रों की पिटाई करना बेहद गंभीर मामला है, साथ ही यह कानूनी रुप से भी गलत है। शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूल और शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-रामकिशन उनियाल मुख्य शिक्षा अधिकारी
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