लंबित वेतन भुगतान सहित सात सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने परिवहन निगम पर मोटर व्हीकल वर्कर्स एक्ट का उल्लंघन करते हुए कार्यरत ड्राईवरों पर तीन गुना बोझ बढ़ाने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए निगम उपलब्ध ड्राईवरों से लगातार गाड़ियां चलवा रहा है, जिसके चलते श्यामपुर में रोडवेज की बस दुघर्टनाग्रस्त हो गई और ड्राईवर गंभीर है।
यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि एक ड्राईवर हरिद्वार से रूपड़िया 1200 किलोमीटर का सफर करता है। वह सात जनवरी की शाम को हरिद्वार से गया और आठ को रूपड़िया पहुंचा। आठ को वापस चला और नौ को करीब सात बजे हरिद्वार पहुंचा।
चूंकि हड़ताल में करीब 80 प्रतिशत ड्राईवर-कंडक्टर शामिल हैं, लिहाजा उनकी कमी को पूरा करने के लिए नियमविरुद्ध नौ को परिवहन निगम ने उस ड्राईवर को चंडीगढ़ भेज दिया, जहां से उसे वापस कोटद्वार आना था। लेकिन श्यामपुर में बस हादसा हो गया और ड्राईवर गंभीर रूप से घायल हो गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह ड्राईवर को आराम दिए बिना लगातार बसें संचालित करवाना एक ओर निगम की आंदोलन को कमजोर करने की रणनीति है तो दूसरी ओर वह सवारियों और ड्राईवरों की जान से खिलवाड़ कर रहा है।
रोडवेज बसें छोड़कर बस अड्डों पर ही खाना बना रहे ड्राईवर-कंडक्टर
हड़ताल कर रहे रोडवेज कर्मचारी दिन-रात बस अड्डों पर ही जमे हुए हैं। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि अब सभी कर्मचारियों ने आईएसबीटी देहरादून सहित देहरादून मंडल के बस अड्डों पर ही खाना-पकाना भी शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह पीछे नहीं हटेंगे। जब तक निगम उनकी मांगें नहीं मानेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
देहरादून से दोपहर बाद ठप हुई बस सेवा
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन का दावा है कि देहरादून मंडल में वर्तमान में करीब 80 प्रतिशत रोडवेज बसों का संचालन ठप पड़ा हुआ है। रविवार को भी दोपहर बाद आईएसबीटी देहरादून से बस सेवा ठप रही। हालांकि निगम बस संचालन को बरकरार रखने के लिए लगातार प्रयासरत है।