उत्तराखंड में राजस्व संग्रह अमीनों की हड़ताल 48 दिन पूरे कर गई। उत्तराखंड राजस्व संग्रह अमीन संघ के बैनर तले प्रदेश के अमीन पुराना रायपुर बस अड्डा परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं। धरने के साथ क्रमिक अनशन भी शुरू हो चुका है।
बुधवार को क्रमिक अनशन का 10वां दिन था। इस अवधि में प्रदेश के सभी जिलों की तहसीलों में राजस्व वसूली बंद है। अब तक प्रदेश को 25 करोड़ रुपये का चूना लग चुका है। दूसरी ओर, वसूली के संबंध में सितंबर में बनाई जाने वाली कार्ययोजना भी अटकी हुई है। इस कार्ययोजना के आधार पर ही वित्तीय वर्ष के अंत तक राजस्व वसूली की जाती है।
आंकड़ों पर नजर
प्रदेश में तैनात राजस्व अमीन- 486
अमीनों के कुल पद- 545
प्रति अमीन वार्षिक वसूली लक्ष्य- 10 लाख रुपए
प्रदेश में प्रतिदिन औसत वसूली- 50 लाख रुपए
अमीनों की मांगें
- तहसीलदार सेवा नियमावली में कोटा बहाली
- मौलिक नियुक्ति की तिथि से सेवा लाभ
- वेतन विसंगति दूर की जाए
- स्टेशनरी भत्ता 10 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 500 रुपए करें
सितंबर में होते हैं ये काम
- छमाही की वसूली फाइनल होती है
- छह महीने का एकाउंट बनता है
- नई जमाबंदी बनाई जाती है
अमीनों की यह भी जिम्मेदारी
आपदा राहत संबंधी कार्य, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ), जनगणना, जातीय गणना, सत्यापन कार्य, निर्वाचन संबंधी कार्य, बाढ़ संबंधी कार्य
मैनुअल में दर्ज है कि अमीन राजस्व वसूली के अलावा कोई काम नहीं करेंगे। इसके बावजूद हमें जो काम दिया जाता है, उसे पूरा करते हैं। पूरे प्रदेश में वसूली बंद है, राजस्व नुकसान हो रहा है। सरकार हमारी मांगें माने। इसके बाद जो भी नई व्यवस्था बनेगी, अमीन उसे मानेंगे।
- वीरेंद्र सिंह सज्वाण, प्रांतीय महामंत्री, उत्तराखंड राजस्व संग्रह अमीन संघ