50 हजार से ज्यादा है दून में लावारिस कुत्तों की संख्या
राजधानी में लावारिस कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा है। नगर निगम की ओर से जिस संस्था को लावारिस कुत्तों के वैक्सीनेशन और बधियाकरण का काम सौंपा गया है। उसके रिकॉर्ड के अनुसार दून में 50 हजार से ज्यादा कुत्तों का बधियाकरण किया जा चुका है और यह काम अभी भी जारी है। इससे साफ है कि इतनी बड़ी मात्रा में कुत्ते लावारिस स्थिति में दून की सड़कों पर हैं।
ये भी पढे़ं...BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड प्रवास: आज टपकेश्वर मंदिर में किए दर्शन, बूथ अध्यक्ष के घर पहुंचे
गर्मी आते ही कुत्तों के व्यवहार में बदलाव आता है। यही उनके आक्रामक होने की वजह है। हालांकि प्रजनन काल में भी वह इस तरह का व्यवहार करते हैं लेकिन ज्यादातर कुत्तों का प्रजनन काल जुलाई के आसपास शुरू होगा।
-डॉ. राजीव मोहन, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी देहरादून
गर्मी की वजह से कुत्तों में आक्रामकता बढ़ रही है। इसकी वजह से भी मामले सामने आते हैं।
-डॉ. वरुण अग्रवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी नगर निगम