चार जिलों में बनेंगे दो-दो नए डॉग शेल्टर
एक समर्पित पोर्टल व ऐप विकसित किया जाएगा, जिसमें पूरे प्रदेशभर के विभागों को जोड़ा जाएगा। पोर्टल पर गोसदनों में क्षमता के सापेक्ष मौजूद पशु और उपलब्धता का भी लाइव पता चलेगा। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल में शुरू में 100 कुत्तों की क्षमता वाले दो-दो डॉग शेल्टर स्थापित किए जाएंगे।
दुर्घटनाएं रोकने को एनएच, एक्सप्रेस-वे से हटेंगे पशु
राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेस-वे पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही रोकने, सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए उच्च जोखिम वाली सड़कों की निगरानी होगी, पशुओं को तत्काल हटाया जाएगा। सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर 1905 जारी किया गया है। नेशनल, स्टेट हाईवे व एक्सप्रेस-वे की खंडवार निगरानी के लिए कनिष्ठ अभियंता स्तर के अधिकारी को नामित किया जाएगा। इनकी सूचना पर नियंत्रण कक्ष निकटतम उपलब्ध पशु-पकड़ दल या गश्ती दल को भेजेगा।
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इन सार्वजनिक स्थानों पर नहीं दिखेंगे निराश्रित गोवंश व कुत्ते
शैक्षिक संस्थानों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, खेल परिसर व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर निराश्रित गोवंश व कुत्ते नजर नहीं आएंगे। नियमित आधार पर उनका चिन्हांकन करके सुरक्षा, स्वच्छता व संचालन में व्यवधान की स्थिति में मानवीय विधि से पकड़कर उन्हें ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अधिकृत शेल्टर, गो सदन में भेजा जाएगा। इन सभी स्थानों के लिए भी नोडल अधिकारी नामित कर क्षेत्रवार मैपिंग की जाएगी।