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रूबी के करतूतों से शर्मिंदा हैं कुटबी के लोग

Tue, 14 Apr 2015 12:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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मुंबई के एटीएस चीफ रहे आईपीएस केपी रघुवंशी के गांव कुटबी पर फर्जी आईएएस रूबी चौधरी ने दाग लगा दिया है। सीमिति संसाधनों के बीच जब रूबी ने आईएएस में चयन की खबर गांववालों को दी थी तो जो सिर गर्व से ऊंचे हो गए थे, अब वे झुक गए हैं।
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कभी अपने बच्चों को रूबी से प्रेरणा लेने की नसीहत देने वाले गांववाले अब उसके किए से आहत हैं। हालांकि, वे मानते हैं कि रूबी अकेली गुनहगार नहीं है। ग्रामीण चाहते हैं कि मामले का पूरा खुलासा हो। दोषी सलाखों के पीछे पहुंचें।

मुजफ्फरनगर जिला मुख्यालय से बीस किलोमीटर दूर स्थित कुटबा-कुटबी गांव का नाम क्षेत्र में खासे अदब से लिया जाता है। महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में जब भारतीय किसान यूनियन बनी तो यहां के किसानों ने अहम भूमिका निभाई। इसके बाद गांव के केपी रघुवंशी मुंर्बई के एटीएस चीफ के पद तक पहुंचे।
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रूबी पर कभी गर्व था, अब शर्मिंदगी

यही नहीं, कुटबी से सटे कुटबा गांव के रिटायर्ड दारोगा महावीर सिंह की बेटियां जया और वीनस चौधरी आईआरएस बनी। मोदी सरकार में इसी क्षेत्र के संजीव बालियान के केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री बनते ही क्षेत्र वीआईपी हो गया। रूबी के आईएएस चुने जाने की खबर ने वर्ष 2014 में फिर इस गांव का रुतबा बढ़ा दिया था।

छात्र अरुण बालियान का कहना है कि रूबी लंबे समय से गांव से बाहर रह रही थी। यही वजह रही कि उसने गांव आकर आईएएस चयन की जो बात बताई, सबने सच मान लिया। अरुण को याद है कि उस दिन पूरे गांव ने जश्न मनाया था। लेकिन अब जो सच सामने आया है शर्मनाक है।

अरुण के मुताबिक गांव के छात्र रूबी को आदर्श मानने लगे थे। बुजुर्ग सुखवीर सिंह का कहना है कि रूबी का परिवार अच्छा है। लेकिन रूबी कैसे गुमराह हो गई, यह सवाल उभरता है। वह कहते हैं कि मामले की पूरी जांच होनी चाहिए।
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