दस्तावेजों की जांच के बाद दोनों संस्थानों से 50 लाख की टैक्स चोरी पकड़ी गई। विभाग ने संस्थानों के मालिक को 15 दिन के भीतर बकाया टैक्स राशि जमा करने को कहा है। निर्धारित समय सीमा के भीतर टैक्स जमा न करने पर विभाग की ओर से जीएसटी एक्ट के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। टीम में डिप्टी कमिश्नर एसटीएफ एसएस तिरुवा, सहायक आयुक्त जयदीप रावत, राज्य कर अधिकारी उमेश दुबे व मोहम्मद इमरान मौजूद थे।
राज्य में अब तक पकड़ी गई 300 करोड़ की टैक्स चोरी
टैक्स चोरी करने वाले कारोबारियों व फर्मों पर राज्य कर विभाग और केंद्रीय जीएसटी इंटेलीजेंस ने शिकंजा कसा है। एक साल के भीतर उत्तराखंड में दोनों विभागों ने 262 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी है। इसमें करीब 180 करोड़ का टैक्स कारोबारियों ने जमा करा दिया है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में विभाग ने प्रदेशभर से 72 मामलों में 162 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी थी। नोटिस जारी करने के बाद कारोबारियों ने करीब सौ करोड़ का टैक्स जमा भी कर दिया है।