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देहरादून: दो कोचिंग संस्थानों में सामने आई 50 लाख की जीएसटी चोरी, अब तक पकड़े जा चुके 300 करोड़ 

Sat, 04 May 2019 09:45 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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राज्य कर विभाग की एसटीएफ टीम ने देहरादून के दो कोचिंग संस्थानों की 50 लाख की टैक्स चोरी पकड़ी है। दोनों संस्थानों ने पांच करोड़ से अधिक का टर्न ओवर कम दर्शाकर रिटर्न फाइल नहीं किया। इस पर विभाग ने विभिन्न स्रोतों से कोचिंग संस्थानों के टर्न ओवर का पता लगाकर कार्रवाई की है। विभाग ने 15 दिन के भीतर बकाया टैक्स राशि जमा करने का समय दिया है।  

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कम टर्न ओवर दिखाकर जीएसटी चोरी करने वाली फर्म, संस्थान और कारोबारी राज्य कर विभाग के रडार पर हैं। आयुक्त कर एवं सचिव वित्त अमित नेगी के निर्देश पर एसटीएफ टीम ने शुक्रवार को देहरादून के दो कोचिंग संस्थानों पर छापा मारकर कार्रवाई की।

संयुक्त आयुक्त शहाब अली की अगुवाई में टीम ने कोचिंग संस्थानों के टैक्स संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसमें पाया गया कि दोनों ही कोचिंग संस्थान का मालिक एक है, लेकिन राज्य कर विभाग में पंजीकरण अलग-अलग है।
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विभाग ने कोचिंग लेने वाले छात्रों की फीस रसीद, बैंक डिटेल और रिटर्न फाइल से टैक्स चोरी का ब्योरा तैयार करने के बाद कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कोचिंग संस्थानों ने पांच करोड़ से अधिक की टर्न ओवर का डिक्लेरेशन नहीं किया और न ही रिटर्न फाइल की है।

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दस्तावेजों की जांच के बाद दोनों संस्थानों से 50 लाख की टैक्स चोरी पकड़ी गई। विभाग ने संस्थानों के मालिक को 15 दिन के भीतर बकाया टैक्स राशि जमा करने को कहा है। निर्धारित समय सीमा के भीतर टैक्स जमा न करने पर विभाग की ओर से जीएसटी एक्ट के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। टीम में डिप्टी कमिश्नर एसटीएफ एसएस तिरुवा, सहायक आयुक्त जयदीप रावत, राज्य कर अधिकारी उमेश दुबे व मोहम्मद इमरान मौजूद थे। 

राज्य में अब तक पकड़ी गई 300 करोड़ की टैक्स चोरी
टैक्स चोरी करने वाले कारोबारियों व फर्मों पर राज्य कर विभाग और केंद्रीय जीएसटी इंटेलीजेंस ने शिकंजा कसा है। एक साल के भीतर उत्तराखंड में दोनों विभागों ने 262 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी है। इसमें करीब 180 करोड़ का टैक्स कारोबारियों ने जमा करा दिया है।

वित्तीय वर्ष 2018-19 में विभाग ने प्रदेशभर से 72 मामलों में 162 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी थी। नोटिस जारी करने के बाद कारोबारियों ने करीब सौ करोड़ का टैक्स जमा भी कर दिया है।  
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